उत्तराखंड सरकार देगी खुदकुशी करने वाले व्यापारी के परिवार को 12 लाख

देश | Jan. 11, 2018, 2:51 p.m.

कमल जगाती/अधीर यादव, देहरादून (11 जनवरी): उत्तराखंड के हल्द्वानी में व्यापारी के सुसाइड मामले में सियासत गर्माने के बाद आखिरकार राज्य सरकार ने 12 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया है। कारोबारी प्रकाश पांडेय ने बीते 6 जनवरी को मंत्री सुबोध उनियाल के जनता दरबार के दौरान ज़हर खा लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। प्रकाश पांडे ने आरोप लगाया था कि नोटबंदी और GST की वजह से उनका धंधा पूरी तरह चौपट हो गया और उनके ऊपर कर्ज बहुत बढ़ गया है।

आपको बता दें कि बीते 6 जनवरी को हल्द्वानी के बीजेपी दफ्तर में कैबिनेट मंत्री के जनता दरबार कार्यक्रम के दौरान कारोबारी प्रकाश ने जहर खा लिया था। प्रकाश की मौत के बाद ठंड के मौसम में भी उत्तराखंड में सियासी गर्माहट आ गई है। कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कारोबारी और ट्रांसपोर्टर भी सड़कों पर उतरे हैं। गुस्साए ट्रांसपोटर्स ने देहरादून, हल्द्वानी, हरिद्वार समेत प्रदेश में कई जगह ट्रकों को नहीं चलने दिया।

उत्तराखंड में बवाल बढ़ता देख आखिरकार राज्य सरकार हरकत में आई। जिला प्रशासन ने परिवार को 12 लाख रुपए और प्रकाश की पत्नी को नौकरी देने का औपचारिक ऐलान किया। प्रकाश पांडे की मौत के 4 दिन बाद सरकार ने परिवार पर मुआवजे का मरहम तो जरूर लगाया, लेकिन सवाल उठता है कि आखिर ये नौबत आने के पहले ही सरकार क्यों नहीं चेती। आखिर जब जनता दरबार में जब जहर खाकर प्रकाश पहुंचा तो तत्काल उसकी मदद क्यों नहीं की गई। आखिर क्यों प्रकाश की मौत के बाद सरकार मदद कर रही है।

जब चौतरफा सरकार पर हमले होने लगे तो प्रदेश सरकार अपने बचाव में उतर गई। सरकार अब प्रकाश पांडे के जहर खाने के पीछे साजिश की बात कर रही है और साथ ही मामले के तह तक जाने के लिए जांच का भी सहारा ले सकती है। पेशे से ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय मंत्री सुबोध उनियाल के आगे चीख-चीख कर कह रहा था कि वो नोटबंदी और जीएसटी लागू होने से बर्बाद हो गया है और कर्जदार हो गया है। आखिर क्यों कोई कारोबारी इस हद तक कदम उठाने पर मजबूर हो जा रहा है।

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