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VIDEO: ऐसे शिक्षा मंत्री से बच्चों को बचाओ...

अधीर यादव, देहरादून (13 सितंबर): उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का सोशल मीडिया पर जमकर मजाक उड़ रहा है। दरअसल वो जायजा लेने के दौरान एक स्कूल में महिला टीचर को हड़काते हुए उससे सवाल जवाब करने लगे। टीचर के जवाब को गलत बताने को लेकर वो लोगों के निशाने पर आ गए हैं। अब ये कहा जाने लगा है कि ऐसे शिक्षा मंत्री से बच्चों को बचाओ, टीचर से सवाल पूछने वाले मंत्रीजी अब खुद फंसते नजर आ रहे हैं।  

उत्तराखंड के तमाम मंत्रियों में इन दिनों एक्शन में दिखने की होड़ सी लगी है। इसके जरिए वो सुर्खियां भी बटोर रहे हैं। उनकी मंशा जनता के साथ-साथ पार्टी के बड़े नेताओं के सामने अपने कामकाजी छवि को पेश करना है।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय भी भला नंबर बढ़ाने की इस होड़ में कहां पीछे रहने वाले। सोमवार को वो देहरादून के एक सरकारी स्कूल में जा पहुंचे। स्कूल में महिला टीचर बच्चों को पढ़ा रही थी। पहले तो मंत्री जी ने टीचर के पढ़ाने का अंदाज देखने लगे और फिर खुद टीचर बनकर महिला टीचर की ही क्लास लेने में जुट गए।

बैठे-बैठे सवाल पूछने वाले मंत्री जी अचानक से खड़े हो गए। टीचर से चॉक मांगा और फिर खुद टीचर की तरह ब्लैकबोर्ड पर हाथ दौड़ाते हुए महिला टीचर को ताव भरे अंदाज में पढ़ाने लगे। शिक्षा मंत्री ने टीचर से पूछा कि माइनस प्लस माइनस क्या होगा तो जवाब में टीचर ने माइनस कहा। लेकिन मंत्री जी को बच्चों के सामने टीचर पर रौब जताना था तो वो भला जवाब से कैसे इत्तेफाक रखते आखिर वो सूबे के शिक्षा मंत्री जो ठहरे।

अब जरा पहले जानकारों से मंत्री जी के पूछे गए सवाल का सही जवाब जान लीजिए कि टीचर का जवाब सही था या फिर मंत्री जी का गणित का ज्ञान उम्दा रहा। जानकार के मुताबिक महिला टीचर का जवाब सही था जबकि सूबे के शिक्षा मंत्री के ज्ञान का स्तर तीसरी क्लास से भी नीचे का साबित हुआ। लेकिन मंत्री जी टीचर को गलत करार देकर जलील करने पर तुले हुए थे। लिहाजा टॉपिक बदलते हुए वो टेबल पर रखी किताब को लेकर महिला टीचर की क्लास लेने में जुट गए।

मंत्री जी का ये वीडियो वायरल हो गया है और उनके ज्ञान को लेकर सोशल मीडिया पर उनका जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। आखिर शिक्षा मंत्री होते हुए उन्होंने बच्चों के सामने गलत सवाल-जवाब की मिसाल जो पेश की है। अब मंत्री जी को कौन ये समझाए कि वो उनके ज्ञान के स्तर से कम से कम शिक्षा का सिस्टम तो सुधरने से रहा बल्कि बिगड़ेगा ही। ऐसे में तो यही कहना लाजिमी होगा कि ऐसे शिक्षा मंत्री से बच्चों को बचाओ।

वीडियो:

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