जानें कब और कैसे पाएं मोदी सरकार के 5 लाख वाले इंश्योरेंस का फायदा

देश | Feb. 2, 2018, 11:39 a.m.


नई दिल्ली (2 फरवरी):
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में कई बड़े-बड़े वादे किए, जिनमें से एक 5 लाख रुपये की नेशनल हेल्थ प्रॉटेक्शन स्कीम की भी है। हालांकि यह अभी तक नहीं साफ है कि इस स्कीम को सरकार किस तरह से कार्यांवित करेगी। वैसे वित्त मंत्री ने यह बताया है कि यह स्कीम 1 अप्रैल 2018 से लागू होगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के द्वारा गरीब मरीजों का इंश्योरेंस किया जाएगा और उनका कैशलेस इलाज किया जाएगा। इस स्कीम के तहत गरीब परिवारों के लोग 1 अप्रैल से 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में करवा सकेंगे। इस योजना के तहत गरीब परिवार न केवल सरकारी बल्कि प्राइवेट अस्पतालों में भी इलाज करवा सकेगा।

'आयुष्मान भारत' के तहत दो स्कीमें
1. नेशनल हेल्थ प्रॉटेक्शन स्कीम के तहत देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का हेल्थ इंश्योरेंस कवर मुहैया कराना।

2. हेल्थ और वेलनेस सेंटर
देशभर में डेढ़ लाख से ज्यादा हेल्थ और वेलनेस सेंटर खोलना, जो जरूरी दवाएं और जांच सेवाएं फ्री में मुहैया कराएंगे। इन सेंटरों में गैर-संक्रामक बीमारियों और जच्चा-बच्चा की देखभाल भी होगी। सरकार ने इसके लिए 1200 करोड़ रुपये का इंतजाम किया है। इनको चलाने के लिए कॉर्पोरेट का भी सहयोग चाहती है।

नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल
देश में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए 24 जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल खोले जाएंगे। हर तीन संसदीय क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।

टीबी के खिलाफ मुहिम
जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार ने टीबी के रोगियों को हर महीने 500 रुपये देने का इंतजाम किया है, जिसके लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। भारत दुनिया का ऐसा देश है, जहां चीन के बाद टीबी के सबसे ज्यादा मरीज हैं। यहां हर साल टीबी के करीब 28 लाख नए केस सामने आते हैं और करीब 5 लाख पेशंट्स की मौत हो जाती है।

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