अब वक्फ बोर्ड ने ताजमहल को बताया खुदा की संपत्ति

देश | April 17, 2018, 4:43 p.m.


प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली (17 अप्रैल):
ताजमहल पर अपना हक जताते हुए यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड ने आज सुप्रीम कोर्ट में उसका असली मालिक खुदा को बताया है। वक्फ बोर्ड ने कहा कि जब कोई सम्पति वक्फ को दी जाती है, वो खुदा की संपत्ति बन जाती है।

इससे पहले वक़्फ़ बोर्ड का दावा था कि वे खुद ताजमहल के मालिक हैं। वक़्फ़ बोर्ड ने कहा कि उन्हें ASI की ताजमहल की देखरेख जारी रखने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उनका नमाज और उर्स जारी रखने का अधिकार बरकरार रहे।

ताजमहल के मालिकाना हक का मामला:-
- यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष नहीं किया कोई वक्फनामा।
- बोर्ड ने न ही ऐसा कोई दस्तावेज पेश किया जिससे उसका ताजमहल पर मालिकाना हक साबित होता हो।
- हालांकि बोर्ड ने आज भी अपनी पुरानी बात को दोहराते हुए कहा कि ताजमहल पर उनका हक है।
- आज उन्होंने घुमा फिरा कर बात करते हुए कहा कि ताजमहल का मालिक अल्लाह है। अगर कोई संपत्ति एक बार वक्फ को दे दी जाती है तो वह अल्लाह की संपत्ति बन जाती है।
- चीफ जस्टिस ने कहा कि आप अदालत का समय बर्बाद कर रहे हैं।

ज्ञात हो कि पिछली सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट में बोर्ड ने ताजमहल का वक्फनामा शाहजहां द्वारा उनके नाम पर करने का दावा किया था और कोर्ट ने उन्हें दस्तावेज दायर करने के लिए कहा था। बोर्ड ने आज कहा कि ASI ताजमहल की देखरेख करती है, इसमे हमे कोई आपत्ति नहीं है। मगर इसपर मालिकाना हक वक्फ बोर्ड का है। वहां पर नमाज अदा करने का अधिकार बरकरार रखा जाना चाहिए।

चीफ जस्टिस ने कहा कि इस संबंध में आप ASI से बात करें। ASI ने कहा कि इस पर जवाब देने से पूर्व हमें सरकार से निर्देश प्राप्त करने होंगे। हमें समय दिया जाए। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 27 जुलाई तक टाल दी है।

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