ताजमहल पूजा की निशानी नहीं, मुगल थे ''अय्याश'': शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन

देश | Oct. 17, 2017, 7:14 p.m.

नई दिल्ली ( 17 अक्टूबर ): ताजमहल पर बीजेपी नेता और विधायक संगीत सोम के बयान के बाद मचे बवाल मचा है। अब उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन इसमें भी कूद पड़े हैं। चैयरमैन सईद वसीम रिजवी ने मंगलवार को कहा कि यह ऐतिहासिक स्थल 'पूजा' का सिंबल नहीं हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्यादातर मुगल 'अय्याश' थे। 

रिजवी ने कहा, 'ताजमहल प्यार की निशानी हो सकती है, लेकिन पूजा की नहीं। एक-दो मुगलों को छोड़ दें तो ज्यादातर मुगल अय्याश थे। मुसलमान उन्हें अपना आइडल नहीं मानते हैं।' यूपी सरकार द्वारा अयोध्या में भगवान राम की 100 मीटर ऊंची प्रतिमा बनाने के प्रस्ताव की हो रही आलोचना पर कहा, 'मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि यह मुद्दा ही क्यों है। जब मायावती ने अपनी खुद की प्रतिमा बनवाई तो किसी ने विरोध नहीं किया। तो फिर राम की प्रतिमा बनाने के प्रस्ताव पर विरोध क्यों हो रहा है?' उन्होंने कहा कि राम की प्रतिमा का निर्माण एक अच्छा कदम होगा, क्योंकि अयोध्या हिंदुओं की आस्था का केंद्र है।

बता दें कि कि सोमवार को बीजेपी नेता संगीत सोम ने कहा था कि गद्दारों के बनाए ताजमहल को इतिहास में जगह नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'ऐतिहासिक स्थलों में से ताज महल का नाम हटाने से कई लोगों को दुख हुआ। किस तरह का इतिहास? इतिहास में क्या है इसकी जगह? किसका इतिहास? ऐसे व्यक्ति का इतिहास जो हिंदुओं का उत्तर प्रदेश और पूरे भारत से सफाया करना चाहता था।' 

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