ये हैं युवाओं को चैंपियन बनाने वाले स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर

खेल | Nov. 14, 2017, 10:32 a.m.

नई दिल्ली (14 नवंबर): भारत में क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है, लेकिन बावजूद इसके दूसरों खेलों जैसे बैडमिंटन, रैसलिंग, जिम्नास्टिक खेलों को भी काफी लोकप्रियता मिल रही है। भारत में इस समय शीर्ष पाँच सबसे लोकप्रिय खेलों में बैडमिंटन भी शामिल है। इसके अलावा रैसलिंग और जिम्नास्टिक को भी काफी पंसद किया जा रहा है।

इसी कड़ी में हम आपको बैडमिंटन, रैसलिंग और जिम्नास्टिक के कुछ ट्रेंनिग सेंटर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां युवाओं को इन खेलों में अपना करियर बनाने के लिए मदद करती हैं।

बैडमिंटन ट्रेनिंग सेंटर

1. प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी- प्रकाश पादुकोण, विमल कुमार और विवेक कुमार द्वारा 1994 में शुरू की गई, प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन एकेडमी ने शीर्ष रैंकिंग वाले बैडमिंटन खिलाड़ियों के निर्माण में अपनी एक शानदार जगह बनाई है। यह अकादमी बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित है।

2. अर्डोर बैडमिंटन अकादमी- रोहिणी, दिल्ली में स्थित, अर्डोर बैडमिंटन एकेडमी शीर्ष पेशेवरों द्वारा चलाई जाती है, जो उचित प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। अकादमी में अच्छी बुनियादी सुविधाएं और चार कोर्ट हैं।

3. सुरजीत सिंह बैडमिंटन अकादमी- पीतमपुरा में स्थित, सुरजीत सिंह बैडमिंटन अकादमी सुरजीत सिंह द्वारा चलाई जाती है, जो कई सालों से भारत के खेल प्राधिकरण के वरिष्ठ कोच के तौर पर काम कर चुके हैं। 1995 में स्थापित इस अकादमी ने कई शीर्ष खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया है।

4. गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी- गोपीचंद बैडमिंटन अकादमी शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी गोपीचंद द्वारा चलाया जाती है, जो देश में सर्वश्रेष्ठ अकादमियों में से एक है। हैदराबाद में स्थित गोपीचंद बैडमिंटन अपने प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध है। साइना नेहवाल, पी.वी. सिंधु और श्रीकांत किदंबी आदि जैसे कई महत्वपूर्ण खिलाड़ी तैयार कर चुकी है।

बैडमिंटन में प्रशिक्षण देने वाले अन्य लोकप्रिय अकादमी डीके अकादमी दिल्ली, यूनाइटेड शटलर्स बैडमिंटन एकेडमी दिल्ली, भारतीय खेल प्राधिकरण के बैडमिंटन प्रशिक्षण केंद्र इत्यादि हैं।

रैसलिंग ट्रेनिंग सेंटर

1. CWE रेसलिंग अकादमी- ग्रेट खली के नाम से पहचान बनाने वाले दिलीप सिंह ने डब्ल्यूडब्ल्यूई का चैंपियन बनकर भारत का नाम रोशन किया। खली ने डब्ल्यूडब्ल्यूई छोडऩे के बाद अपने देश में रेसलिंग करवाने की ठानी। उन्होंने पंजाब के जालंधर में सीडब्ल्यूई रेसलिंग अकादमी खोली।

2. चंदगीराम अखाड़ा- दिल्ली के सबसे पुराने अखाड़ों में गिना जाता है चंदगीराम अखाड़ा। इसकी शुरुआत मास्टर चंदगीराम ने की थी। चंदगीराम 60 और 70 के दशक के मशहूर पहलवान थे। उन्हें भारत सरकार ने 1969 में अर्जुन अवॉर्ड और 1971 में पद्यश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था।

3. हनुमान अखाड़ा: अगर इसे अखाड़ों का मंदिर कहा जाए तो गलत नहीं होगा। यह दिल्ली का सबसे पुराना अखाड़ा है। गुरु हनुमान ने ही सबसे पहले सरकार से पहलवानों के लिए नौकरी की मांग की थी, ताकि उन्हें बुढ़ापे में आर्थिक दिक्कत न हो। सरकार ने भी उनकी बात मानी और पहलवानों को सरकारी नौकरी देना शुरू कर दिया।
                    
4. सरोजनीनगर स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) सेंटर जिम्नास्टिक ट्रेनिंग सेंटर


1.दिल्ली-एनसीआर- इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम, नई दिल्ली
                   नेहरू स्टेडियम, गुड़गांव
                   मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल, राई, सोनीपत
                    

2.पंजाब-           नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स, पटियाला

3. महाराष्ट्र-        सरस्वती क्रीड़ा संकुल, ठाणे, महाराष्ट्र
                  मुक्तांगन इंग्लिश स्कूल, पुणे
                  क्रीड़ा प्रबोधिनी, पुणे

4. कोलकाता-       साई ईस्टर्न सेंटर, साउथ लेक स्टेडियम, कोलकाता

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