इस महिला ने 10 साल में दूसरों के लिए दी 657 परीक्षाएं

देश | Feb. 11, 2018, 4:56 p.m.

नई दिल्ली (11 फरवरी): परीक्षाओं का नाम सुनते ही हर किसी के मन में एक घबराहट सी शुरु होने लगती है, कभी-कभी परीक्षाओं को लेकर चिंता इतनी बढ़ जाती है कि बाकी के काम भी बिगड़ने लगते हैं, लेकिन बेंगलुरु में एक ऐसी महिला है जो पिछले 10 सालों में 657 परीक्षाएं लिख चुकी है। सबसे बड़ी बात ये है कि इस महिला ने ये परीक्षाएं अपने लिए नहीं बल्कि दिव्यांगों के लिए लिखी है।

पुष्पा नाम की यह महिला हर किसी के एक मिसाल है। परीक्षा चाहे बैंक की हो या यूनिवर्सिटी एग्जाम हो, पुष्पा हमेशा दिव्यांगों की मदद करने और उनका हाथ, आंख या कान बनने को तैयार रहती हैं।
 
बेटीएम लेआउट में रहने वाली और एमएनसी में कान करने वाली पुष्पा ने दृष्टिबाधित दिव्यांगों के लिए परीक्षाएं लिखना 2007 में शुरू किया था। उसके बाद से दिव्यांगों के लिए परीक्षाएं लिखने का सिलसिला अब तक चल रहा है। 

पुष्पा बताती हैं, 'मैं जो लिखती हूं वह बाद में उनके रिजल्ट पर दिखता है। मुझे हमेशा सतर्क और अलर्ट रहना पड़ता है। एग्जाम हॉल में मैं तब भी शांत रहती हूं जब मेरा साथी परीक्षा को लेकर तनाव में होता है।' वह कहती हैं, 'अब एग्जाम लिखना मेरा पैशन बन चुका है, इसके लिए बहुत सब्र की जरूरत होती है। कई बार तो मुझे एक ही सवाल 30-40 बार तक दोहराना पड़ता है, जिससे उम्मीदवार उसे अच्छे से समझ सके।' 
 

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