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सरकार का IT सेक्टर में छंटनी से इनकार, डिजिटल अर्थव्यवस्था पर जोर

नई दिल्ली (16 जून): सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज आईटी सेक्टर के दिग्गज लोगों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में नैस्कॉम के प्रेसिडेंट आर चंद्रशेखर, गूगल इंडिया के राजन आनंदन, विप्रो के रिशद प्रेमजी, इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज मोहिंद्रू, इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सुभो राय और हाइक मेसेंजर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केविन भारती समेत कई बड़े हस्ती शामिल हुए।


केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आईटी उद्योग को सस्ती प्रौद्योगिकी और समावेशी माहौल तैयार कर चार साल में भारत को एक लाख करोड़ डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने में हमारी मदद करनी चाहिए। आईटी और आईटी आधारित सेवाओं, ई वाणिज्य, इलेक्टोनिक्स विनिर्माण, डिजिटल भुगतान और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में मौजूद अरबों डालर के अवसरों को प्रमुखता से रखते हुए उन्होंने कहा कि एक अरब डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था कोई बहुत लंबा चौड़ा दावा नहीं है।


प्रसाद ने कहा कि भारतीय आईटी क्षेत्र राजस्व 10 लाख करोड़ रुपए  को पार कर गया है और निर्यात भी 7.5 लाख करोड़ रुपए को पार कर चुका है। देश को डिजिटल विकास के लिए अपना मॉडल बनाने की जरुरत है जो समावेशी हो। उन्होंने कहा, ऐसी प्रौद्योगिकी विकसित कीजिए जो सस्ती हो, ऐसा बुनियादी ढांचा विकसित कीजिए जो विकासोन्मुखी हो और ऐसा माहौल बनाइए जो समावेशी हो।


इस मीटिंग में अमेरिका में एच1बी वीजा को लेकर सख्ती का देश के आईटी सेक्टर पर असर को लेकर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आईटी सेक्टर में जॉब जाने की बात को सिरे से नकार दिया। वहीं इंडस्ट्री के दिग्गजों का भी कहना है कि आईटी के हालात अभी अच्छे हैं जिन कुछ कंपनियों में छंटनी हुई है वो रूटीन प्रक्रिया है।

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