H1B वीजा मामले पर क्या कर रही है केंद्र सरकार- राजीव शुक्ला

देश | Jan. 4, 2018, 5:12 p.m.


नई दिल्ली (4 जुलाई): अमेरिका अपने वीजा नीति में बड़े बदलाव की तैयारी में है। अमेरिकियों के लिए ज्यादा के ज्याद रोजगार के अवसर मुहैया कराने के लिए ट्रंप प्रशासन अपने वीजा नीति में भारी बदलाव करने जा रहा है। अमेरिका के इस कदम से हजारों भारतीयों को स्वदेश लौटना पड़ सकता है। इस वजह से वहां आईटी सेक्टर में काम कर रहे भारतीयों के उपर अमेरिका छोड़ने और नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने इस मुद्दे पर राज्यसभा में उठाया। साथ ही उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि इस मुद्दे पर सरकार के क्या रूख है और वो क्या कदम उठाने जा रही है।

दरअसल राष्ट्र ट्रंप अपने चुनावी वादे के मुताबिक 'बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन' (अमेरिका का खरीदो, अमेरीकियों को नौकरी दो) की नीति को जल्द से जल्द अमलीजामा पहनाने जा रही है। ट्रंप प्रशासन ऐसी वीजा नीति बनाने जा रही है जिसकी वजह से बड़ी संख्या में भारतीयों को अमेरिका छोडना पड़ सकता है। यह प्रस्ताव डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्यॉरिटी के साथ साझा किया गया है।

यह प्रस्ताव अगर मंजूर हुआ तो विदेशी वर्कर को अपना H-1B वीजा रखने से रोक सकता है, जिनके ग्रीन कार्ड आवेदन लंबित हैं। अमेरिका में जिनका ग्रीन कार्ड लंबित है, उन भारतीयों का अमेरिका H-1B वीजा बढ़ाएगा। बता दें कि ग्रीन कार्ड अमेरिका में रहने की अनुमति देता है। इस नए कानून से प्रभावित होने वाले हजारों भारतीयों में सबसे ज्यादा संख्या आईटी सेक्टर में काम करने वालों की है। अमेरिका में मौजूदा नियम के अनुसार ग्रीन कार्ड आवेदन लंबित होने पर अभी 2-3 साल के लिए H-1B वीजा  की मान्यता बढ़ाने की अनुमति मिली हुई है।

आपको बता दें, अमेरिका हर साल लगभग 85 हजार नॉन इमिग्रंट वीजा देता है, 65 हजार विदेशियों को विदेशों में नियुक्ति और अमेरिकी स्कूल कॉलेजों में एडवांस डिग्री कोर्स के लिए 20 हजार लोगों को वीजा प्रदान करता है।
 

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