बस में टिकट बेचने वाले रजनीकांत ऐसे बने सिलवर स्क्रीन के सुपरस्टार

मनोरंजन | Nov. 14, 2017, 12:26 p.m.


नई दिल्ली (14 नवंबर): जब बात हो साउथ के सुपरस्टार्स की तो सबसे पहले बस एक नाम ही जुबान पर आता है और वह नाम है सुपरस्टार रजनीकांत। साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत देश ही नहीं बल्कि विदेशों में काफी पॉपुलर हैं। अभिनय के इस महारथी को उनके फैंस भगवान के रूप में पूजते हैं।
 
12 दिसंबर, 1950 को बेंगलुरू में जन्में रजनीकांत के बचपन का नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है। उनके पिता रामोजी राव गायकवाड़ एक हवलदार थे। मां जीजाबाई की मौत के बाद चार भाई-बहनों में सबसे छोटे रजनीकांत को अहसास हुआ कि घर की माली हालत ठीक नहीं है, तब उन्होंने कुली का भी काम किया।

इसके बाद रजनीकांत ने एक बढ़ई और बेंगलुरू परिवहन सेवा (बीटीएस) के एक मामूली बस कंडक्टर के रुप में भी काम किया। आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि उन्होंने जीवन में कितना संघर्ष किया होगा, तब जाकर वह भारतीय सिनेमा के सबसे ज्यादा मेहनताना पाने वाले सुपरस्टार बन गए। रजनीकांत ने  अभिनय में दिलचस्पी के चलते उन्होंने 1973 में मद्रास फिल्म संस्थान में दाखिला लिया और अभिनय में डिप्लोमा लिया।

रजनीकांत अपने आप में प्रेरणादायी है और दूसरों के लिए भी एक प्रेरणा है। सुपरस्टार रजनीकांत उन चुनिंदा अभिनेताओं में से एक हैं, जिनमें शुरुआत से लेकर शोहरत की बुलंदियां छूने तक विनम्रता दिखती है।

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