अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी ने दिया पहला इंटरव्यू, जानिए खास बातें

देश | Dec. 17, 2017, 11:07 p.m.

नई दिल्ली (17 दिसंबर): कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी ने अपना पहला इंटरव्यू पार्टी के मुखपत्र नैशनल हेराल्ड को दिया है। अपने इंटरव्यू में राहुल ने जहां मोदी सरकार पर जमकर वार किया और नोटबंदी-जीएसटी जैसे कदमों की तीखी आलोचना की। वहीं उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में परिवर्तन होगा और नए उत्साहजनक चेहरे सामने आएंगे।

बातचीत के मुख्य अंश इस प्रकार हैं... 


नीलाभ मिश्र- हमें इस बात की खुशी है कि आपने कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष की हैसियत से सबसे पहले हमसे बात की। आपका स्वागत है और आपको बहुत-बहुत बधाई

राहुल गांधी- थैंक यू...वेरी मच

नीलाभ मिश्र- तो, यहां से पार्टी कहां जाएगी? कांग्रेस और देश दोनों...

राहुल गांधी- मुझे मनमोहन सिंह जी की बात काफी अहम लगी, जो उन्होंने उम्मीद बनाम भय की राजनीति की बात की। या फिर आप कह सकते हैं कि गुस्से की राजनीति की जो बात है। बीजेपी ने समाज को बांट दिया है। उन्होंने देश के लोगों के बीच एक तरह की दुश्मनी फैला दी है, और मेरा मानना है कि कांग्रेस की भूमिका लोगों के बीच एक सेतु, एक पुल बनने की है। हमें ऐसा संवाद शुरु करने की जरूरत है, जिसमें हम कह सकें कि हम सब भारतीय हैं। कोई वर्ग, जाति या धर्म नहीं, बल्कि भारतीयता हमारी पहली पहचान है। इसके बाद ही कोई पहचान आती है। कांग्रेस की विचारधारा इसी को आगे बढ़ाने की है।

जफर आगा-  लेकिन, समस्या यह है कि कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता और सौहार्द्र की विचारधारा पर ही खतरा मंडरा रहा है। लोगों में जबरदस्त असुरक्षा और भय की भावना घर कर चुकी है। क्या यह कांग्रेस और देश दोनों के लिए गंभीर चुनौती नहीं है?

राहुल गांधी- हां ऐसा ही है। आप इतिहास में देखें, तो ऐसा होता रहा है। 90 के दशक में भी हमने इसी किस्म का ध्रुवीकरण देखा था। लेकिन मेरा मानना है कि बुनियादी तौर पर यह देश एकजुट है। और बहुत शिद्दत से प्यार और सौहार्द्र में विश्वास करता है। यह देश नफरत में विश्वास नहीं करता। और, इसके अलावा आरएसएस और बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ, उसे बदनाम करने के लिए एक संगठित प्रचार अभियान चलाया। यह एक संगठित और सोचा समझा प्रचार था, जो कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं, कांग्रेस के विचारों और कांग्रेस के अतीत के बारे में था। यह सब मैंने गुजरात में काफी गहराई से महससू किया कि कुछ ऐसी बातें फैलाई जा रही हैं, जो पूरी तरह झूठ हैं। मसलन यह झूठ फैलाया जा रहा है कि सरदार पटेल और जवाहर लाल नेहरू जी में नहीं बनती थी। ये सरासर झूठ है। जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल गहरे दोस्त थे। दोनों ने साथ-साथ जेल में वक्त गुजारा है। कुछ मुद्दों पर दोनों में मतभेद होते थे, लेकिन वे दोस्त थे। और, सरदार पटेल जी के तो आरएसएस और संघ की उस विचारधारा के बारे में काफी कटु विचार थे, जिसको नरेंद्र मोदी जी अपनाते हैं।

जैसा कि मैंने अमेरिका में कहा था, या फिर गुजरात में प्रचार के दौरान कहा, कि आज देश की मूल समस्या यह है कि हम देश के युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार पैदा नहीं कर पा रहे। इससे युवाओं में गुस्सा बढ़ रहा है। पिछले तीन वर्षों में इन्होंने देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी। नोटबंदी और गब्बर सिंह टैक्स यानी जीएसटी ने हकीकत में देश की अर्थव्यवस्था को पंगु बना दिया। छोटे और मझोले कारोबारों और उद्योगों पर टैक्स की भारी मार पड़ी है। ऐसे में देश के लोगों में एक गुस्से की भावना भर गई है। इसके लिए बुनियादी काम करने पड़ेंगे। इससे पहले की यह समस्या और गंभीर हो और लोगों का गुस्सा फूटना शुरु हो, इस समस्या का समाधान करना पड़ेगा।

जफर आगा- लोग कहते हैं कि बीजेपी और आरएसएस की संयुक्त सांगठनिक ताकत के सामने कांग्रेस की संगठन शक्ति अभी तैयार नहीं है। आप इससे निपटने की क्या योजना बना रहे हैं? क्या आपको लगता है कि कांग्रेस के सामने यह समस्या है या नहीं?

राहुल गांधी- देखिए, कांग्रेस को अभी काफी काम करना है। बहुत से ऐसे नए लोग हैं, जिन्हें हमें आगे लाना होगा। कांग्रेस में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। कांग्रेस के पास ऐसी प्रतिभाएं हैं, हमें उनकी प्रतिभा का इस्तेमाल करना है। लेकिन यह ध्यान रखना होगा कि कांग्रेस के खिलाफ एक सुनियोजित प्रचार अभियान चल रहा है, और हम देश को कांग्रेस का असली चेहरा दिखाना चाहते हैं। आप देखेंगे कि आने वाले दिनों में यह सब। आप ऐसे लोगों को देखेंगे, जिन्हें देखकर आप उत्साहित हों, जिन्हें देखकर आप कह सकेंगे कि हां देखो यह व्यक्ति आया है मैं जिसके साथ जुड़ना चाहता हूं। मैं ऐसे ही लोगों के साथ जुड़ना चाहता हूं, जो सौम्य हैं, और मजबूत हैं।

जफर आगा- तो आप ऊपर से नीचे तक या नीचे से ऊपर तक कांग्रेस को बदलने वाले हैं।

राहुल गांधी- हां, दरअसल यह मेरी योजना नहीं है। यह कांग्रेस पार्टी की इच्छा है कि वह बदले, विकसित हो...मैं तो सिर्फ इसमें मदद करूंगा।

राहुल ने कहा कि देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की कथित उपेक्षा को लेकर मोदी के निशाने पर रही कांग्रेस पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने कहा, ''झूठ फैलाया जा रहा है कि सरदार पटेल और जवाहर लाल नेहरू जी में नहीं बनती थी। ये सरासर झूठ है। जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल गहरे दोस्त थे। दोनों ने साथ-साथ जेल में वक्त गुजारा है। कुछ मुद्दों पर दोनों में मतभेद होते थे, लेकिन वे दोस्त थे। और, सरदार पटेल जी के तो आरएसएस और संघ की उस विचारधारा के बारे में काफी कटु विचार थे, जिसको नरेंद्र मोदी जी अपनाते हैं।' 

राहुल ने कहा गुजरात चुनाव में जातिगत आधार पर चुनाव लड़ने के आरोपों पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा,'अजीब सी बात है...हर समाज के लोग हमारे साथ खड़े हैं, अल्पेश, जिग्नेश, हार्दिक, सब एकसाथ खड़े हैं। अलग-अलग समाज के लोग। शुरुआत में बीजेपी कहती है कि हम ओबीसी मुद्दे पर यह चुनाव लड़ेंगे, तो अजीब सी बात है कि कहते वो हैं, बांटते वो हैं, और फिर हमारे बारे में कहते हैं कि हम बांट रहे हैं। मुद्दा यह है कि हार्दिक एक पटेल हैं, जिग्नेश एक दलित हैं और अल्पेश एक ओबीसी। सभी समुदाय कांग्रेस के मंच पर एकजुट हुए हैं। ऐसे में आप हम पर जातीयता का आरोप कैसे लगा सकते हैं। ये सब हमारे मंच पर एक साथ हैं।' 

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