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पाकिस्तान के लिए आतंकी हाफिज अच्छा, उसकी पार्टी बुरी

इस्लामाबाद (12 अक्टूबर): दुनियाभर में टेररिस्तान के नाम से कुख्यात पाकिस्तान का आतंकवाद पर एकबार फिर दोहरा चेहरा दुनिया के सामने आया है। पाकिस्तान खूंखार आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा के संस्थापक और जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद की रिहाई का रास्ता साफ कर रहा है, तो दूसरी ओर दुनिया को गुमराह करने के लिए उसकी पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग (MML) को राजनीतिक दल के रूप में मान्यता देने से इनकार कर दिया है। 

हाफिज सईद की पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग को राजनीतिक दल के रूप में मान्यता देने से पाकिस्तान ने इनकर कर दिया है। पाक गृहमंत्रालय ने चुनाव आयोग को भेजे अपने रिपोर्ट में कहा कि MML के तार आतंकियों से जुड़े हुए हैं, लिहाजा इसको राजनीतिक दल के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती है। इसके बाद पाकिस्तान चुनाव आयोग ने MML को राजनीतिक पार्टी के रूप में पंजीकरण करने के आवेदन को खारिज कर दिया।

जानकारों के मुताबिक भारत और अमेरिका के दबाव के चलते पाकिस्तान हाफिज सईद को राजनीति में आने से रोकने का दिखावा कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि पाकिस्तानी सेना खुद हाफिज सईद समेत कई आतंकियों को राजनीति में लाने की पैरवी कर रही है।

आपको बता दें कि हाल ही में पाक सुप्रीम कोर्ट ने  नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री के पद से बर्खास्त कर दिया था, जिसके बाद लाहौर की NA-120 सीट पर उपचुनाव हुआ था। इस उपचुनाव में पाकिस्तान चुनाव आयोग ने MML के चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगा दी थी। इसके बाद MML के प्रत्याशी को निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में उतारा। इस दौरान उसके बैनर और पोस्टर में हाफिज सईद की तस्वीर का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया गया। हालांकि चुनाव में MML समर्थित प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन वह तीसरे पायदान पर जगह बनाने में कामयाब रहा।

 

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