पाकिस्तान ने पैडमैन पर लगाई पाबंदी तो पाक की महिला पत्रकारों ने जताया विरोध

दुनिया | Feb. 12, 2018, 11:39 p.m.

मुंबई (13 फरवरी): अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन को भारत में खूब पसंद किया जा रहा है। फिल्म की समीक्षकों और दशर्कों ने काफी तारीफ की है। महिलाओं के पीरियड्स और साफ सफाई पर आधारित अक्षय कुमार की फिल्म 'पैडमैन' को जहां भारत में काफी सराहा जा रहा है वहीं पाकिस्तान में फिल्म पर बैन लगा दिया गया है। जिसके बाद कई लोगों के रिएक्सन भी देखने को मिल रहे हैं। पहले पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार फिर रुबिका लियाकत के बाद कई और लोगों के रिएक्शन देखने को मिल रहे हैं। ये पत्रकार फिल्म को पाकिस्तान में ना दिखाए जाने का विरोध कर रहे हैं। 

Banning PadMan in Pakistan is another one of those illogical things that simply affect the business of cinemas in Pakistan.
Menstruation is a fact of life, and bringing it to mainstream consciousness is neither immoral nor un-Islamic.

— Mehr Tarar (@MehrTarar) February 10, 2018
 

पत्रकार मेहर तरार के बाद अब एक और पाकिस्तानी पत्रकार अमारा अहवाद ने ट्वीट कर पाकिस्तान पर तंज कसा है। अमारा ने ट्वीट में लिखा है- 'हां पाकिस्तामी महिलाओं को भी पीरियड्स होता है। मैं पैडमैन को सपोर्ट करती हूं। फिल्म को बैन करना निराधार है। फिल्म को रिलीज किया जाना चाहिए' 

Yes, Pakistani Women menstruate too. I support #Padman and menstrual hygiene. Ban on @PadManTheFilm in Pakistan is senseless. Release it now. pic.twitter.com/KpsTL6Rc3a

— Ammara Ahmad (@ammarawrites) February 10, 2018

इतना ही नहीं अमारा अहवाद का साथ देते हुए घरीदा फारुकी ने भी ट्वीट कर पाकिस्तानी सेंर बोर्ड को खूब लताड़ा। घरीदा ने ट्वीट किया, हमारी संस्कृति और सभ्यता के खिलाफ है पैडमैन, बहुत अच्छा क्योंकि यहां की महिलाओं को तो पीरियड्स नहीं होते न। कितने बेवकूफ लोग सेंसर बोर्ड में बैठे हुए हैं। पैडमैन को पाकिस्तान में रिलीज किया जाना चाहिए।

"Against our traditions & culture" Oh well, coz women don't menstruate here... What stupid people sitting at Censor Board ! #PadMan must be allowed in Pakistan ! https://t.co/S7PUfBV9ak

— Gharidah Farooqi (@GFarooqi) February 10, 2018

पाकिस्तानी पत्रकार मोना आलम ने भी पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड को आड़े हाथों लिया। मोना ने लिखा, असुरक्षा, निरक्षरता और पाकिस्तानी फिल्मकारों के दोहरे मापदंड जैसी चीजें ठीक लेकिन पारियड्स जैसे विषय को गैरइस्लामिक मानना कहां तक सही है।

Insecurity, illiteracy & double standards of #Pakistani filmmakers who're okay with dirty raunchy item numbers but consider "unislamic" to film a social awareness topic of #menstruation on #WomenEmpowerment
Censor board, ????move#Padman banned in #Pakistan https://t.co/MHfDx1zVys

— Mona Alam (@MonaAlamm) February 10, 2018

 

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