इंदौर: कथावाचक भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या



न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 12 जून ):
कथावाचक भय्यूजी महाराज ने मध्य प्रदेश के इंदौर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। उन्होंने खुद को गोली मार ली थी जिसके बाद उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने अपने सिर में गोली मारी थी। आपको बता दें कि भैय्यूजी महाराज को शिवराज सरकार ने राज्य मंत्री का दर्जा दिया था। अभी तक घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। लेकिन आत्महत्या मामले में पारिवारिक मामले की बात सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि उन्होंने जबसे दूसरी शादी की थी तब से ही पारिवारिक कलह चल रही थी।

मध्य प्रदेश में भय्यूजी महाराज को राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। कुछ वक्त पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया था।

1968 को जन्मे भय्यू महाराज का असली नाम उदय सिंह देखमुख है। वह कपड़ों के एक ब्रांड के लिए कभी मॉडलिंग भी कर चुके हैं। भय्यू महाराज का देश के दिग्गज राजनेताओं से संपर्क थे। वह शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे.

भय्यू जी महाराज तब चर्चा में आए थे जब 2011 में अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा था। इसी के बाद ही अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था।

वहीं पीएम बनने से पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। उस उपवास को तुड़वाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज को आमंत्रित किया था।

उनका सदगुरु दत्त धामिर्क ट्रस्ट नाम का ट्रस्ट भी चलता है। अपने ट्रस्ट के जरिए वह स्कॉलरशिप बांटते थे। कैदियों के बच्चों को पढ़ाते थे और किसानों को खाद-बीज मुफ्त बांटते थे।