RSS मानहानि केस: राहुल गांधी पर आरोप तय

न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (12 जून): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मानहानि मामले में महाराष्ट्र की भिवंडी कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर आरोप तय किए हैं। कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष पर इंडियन पैनल कोर्ट यानी IPC की धारा 499 धारा 500 के तहत आरोप तय किए हैं। हालांकि राहुल गांधी ने कोर्ट में अपने को खुद निर्देष बताया है। उन्होंने कोर्ट में खुद को दोषी मानने से इंकार कर दिया।

भारतीय संविधान में मानहानि जैसे अपराध के लिए सजा का प्रावधान किया गया है। इस अपराध के लिए भारतीय कानून में दो धाराएं हैं। जो इसके लिए बनाई गई है। IPC यानी इंडियन पैनल कोर्ट के अनुसार धारा 499 धारा 500 के अनुसार मानहानि के अपराध में दोषी पाए जाने वाले अपराधी को दंडित किया जाता है।


- धारा 499 के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले अपराधी को भारतीय न्यायालय द्वारा दंडित किया जाता है। मानहानि के केस में प्रयोग की जाने वाली धाराएं और उनके अनुसार अपराधियों को दंड प्रदान करने की धाराएं कुछ इस प्रकार हैं

- धारा 500 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे अन्य व्यक्ति की मानहानि करता है। तो उसे धारा 500 के तहत 2 साल की कैद और आर्थिक जुर्माना दिया जाता है । अपराध की गंभीरता को देखते हुए अपराधी को कैद की सजा और जुर्माना दोनों भी दी जा सकती है।

आपको बता दें कि मानहानि का मामला 6 मार्च 2014 को एक चुनावी रैली में राहुल गांधी के कथित बयान से जुडा है जिसमें आरएसएस को महात्मा गांधी की हत्या से जोड़ा गया था।  आरएसएस के एक स्थानीय कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने यह मामला दर्ज कराया था। दरअसल संघ कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने 2014 में भिवंडी में राहुल गांधी का भाषण सुनने के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया था। राहुल ने उस भाषण में कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ था।