देश को नुकसान पहुंचा रही मोदी सरकार की आर्थिक नीतियां, 1.5 फीसदी तक कम हुई विकास की रफ्तार- चिदंबरम

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (11 जून): एक तरफ जहां मोदी सरकार अपने कार्यकाल के 4 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में अपनी उपलब्धियों का बखान करने में जुटी है वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर मोदी सरकार पर बड़ा हमला किया है। पूर्व वित्त मंत्री मोदी सरकार के नोटबंदी और जीएसटी के फैसले को देश को नुकसान पहुंचाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद देश में कैश का चलन दो गुना हो गया है और विकास की रफ्तार 1.5 फीसदी तक कम हो गई।

इससे पहले आरबीआई ने सर्कुलेशन में नगदी को लेकर भी डाटा जारी किया। आरबीआई के मुताबिक नोटबंदी के बाद आंकड़ा 8.9 लाख करोड़ था जो अब 19.3 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है । चलन में मौजूद मुद्रा में से बैकों के पास पड़ी नगदी को घटाने के बाद पता चलता है कि आखिर चलन में कितनी मुद्रा लोगों के हाथ में है। देश में इस समय लोगों के पास कैश 18.5 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है। यह आंकड़ा न सिर्फ अब तक का अधिकतम है बल्कि नोटबंदी के बाद के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, एक जून 2018 तक देश में कुल 19.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक कैश चलन में है।

मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला बोलते हुए पूर्व वित्त मंत्री ने कहा है कि देश कि आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। मोदी सरकार कि गलत नीतियों के कारण देश को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि विकास दर में 1.5 फीसदी कमी आई है। जीएसटी के कारण कारोबारियों को बड़ा नुकसान हुआ है। मुद्रास्फीति बढ़ रही है। रेपो दर में वृद्धि इसका सबसे बड़ा सबूत है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडू सरकार ने माना है कि 50,000 एसएमई इकाइयां बंद हो गई हैं। मई 2018 का आरबीआई का कन्ज्यूमर कॉन्फिडेंस सर्वे बताता है कि 48 प्रतिशत लोग मानते हैं कि देश की आर्थिक स्थिति बदतर हुई है।

पी चिदंबरम ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर हमला बोला। साथ ही सरकार को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि यदि पेट्रोल को जीएसटी के तहत लाया जाए तो कीमतें काफी कम होंगी। केंद्र और 19 राज्यों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद वे कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।