बैंकिंग घोटाले के बाद नीरव मोदी ने डमी डायरेक्टर्स को हॉन्ग कॉन्ग से काहिरा किया शिफ्ट

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 जून): देश को 13000 करोड़ रुपए को चूना लगाने वाला हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लेकर एक खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के दावों के मुताबिक घोटाला उजागर होने और सीबीआई द्वारा केस दर्ज करने के तुरंत बाद हीरा कारोबारी ने हॉन्ग कॉन्ग स्थित अपनी 6 कंपनियों के डमी डायरेक्टर्स को काहिरा शिफ्ट कर दिया। घोटाला उजागर होने के बाद अमेरिका में रहने वाले नीरव मोदी के सौतेले भाई नेहल मोदी ने सभी डमी डायरेक्टर्स के मोबाइल फोनों को तोड़ दिया।


जिसके बाद उन्हें हॉन्ग कॉन्ग से काहिरा शिफ्ट कर दिया गया। जानकारी के लिए आपको बता दें कि दिव्येश इस मामले में आरोपी नहीं हैं। उन्हें जांच एजेंसी ने गवाह बनाया हुआ है। दिव्येश ने यह भी कहा कि नीरव ने शेल कंपनियों के कर्मचारियों को स्वतः समाप्त होने वाली ईमेल सर्विस के माध्यम से संदिग्ध लेन-देन को लेकर भी निर्देश दिया।

ये ईमेल एक तय समय के बाद खुद से ही डिलीट हो जाते हैं और अपने पीछे कोई सबूत नहीं छोड़ते। गवाह बने दिव्येश ने बताया कि इन शेल कंपनियों और नीरव के अंकल मेहुल चौकसी की डमी कंपनियों के बीच वित्तीय लेन-देन भी हुए थे। दिव्येश ने कहा कि हालांकि हॉन्ग कॉन्ग की इन 6 कंपनियों के पते अलग-अलग थे लेकिन बैंकिंग, सेल-पर्चेज और आयात-निर्यात से संबंधित दस्तावेज एक जगह ही बनाए जाते थे।

एक अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हर बार नीरव मोदी ने बड़ी रकम वाले एलओयू का आवेदन दिया ताकि वह पहले के एलओयू का भुगतान कर सके और बचा पैसा बिजनस ऐक्टिविटी में लगा सके। अधिकारी के मुताबिक उसने बैंक अधिकारियों आयात-निर्यात बिजनस के फर्जी कागजात दिखाकर आश्वस्त किया। भारत स्थित कंपनियों सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टेलर डायमंड, डायमंड आर यूएस, फायरस्टार डायमंट इंटरनैशनल और दुबई व हॉन्ग कॉन्ग स्थित डमी कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की गई।