तो ऐसे बन सकेंगे बिना UPSC पास किए भी अधिकारी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (10 जून): केंद्र की मोदी सरकार ने नौकरी में प्रवेश पाने को लेकर सबसे बड़ा बदलाव कर दिया है। इस बदलाव के तहत अब बड़े अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा पास करना जरूरी नहीं होगा। अब से निजी कंपनी में काम करने वाले सीनियर अधिकारी भी सरकार का हिस्सा बन सकेंगे।

आपको बता दें कि रविवार को इन पदों पर नियुक्ति के लिए डीओपीटी यानि कि डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल ऐंड ट्रेनिंग के लिए विस्तार से गाइडलाइंस के साथ अधिसूचना जारी की गई। सरकार अब इसके लिए सर्विस रूल में जरूरी बदलाव भी करेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार जल्द ही लैटरल एंट्री पॉलिसी को लागू कर सकती है। गौरतलब है कि पीएम नरेन्द्र मोदी ब्यूरोक्रेसी में लैटरल एंट्री के शुरू से हिमायती रहे हैं।

पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने 10 विभागों में बतौर जॉइंट सेक्रटरी 10 पदों के लैटरल एंट्री से जुड़ी अधिसूचना पर कहा कि इससे उपलब्ध स्रोतों में से सर्वश्रेष्ठ को चुनने का मौका मिलेगा।  

डीओपीटी की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालयों में जॉइंट सेक्रटरी के पद पर नियुक्ति होगी। इनका टर्म 3 साल का होगा और अगर अच्छा प्रदर्शन हुआ तो 5 साल तक के लिए इनकी नियुक्ति की जा सकती है। इन पदों पर आवेदन के लिए अधिकतम उम्र की सीमा तय नहीं की गई है जबकि न्यूनतम उम्र 40 साल है। इनका वेतन केंद्र सरकार के अंतर्गत जॉइंट सेक्रटरी वाला होगा।

सारी सुविधा उसी अनुरूप ही मिलेगी। इन्हें सर्विस रूल की तरह काम करना होगा और दूसरी सुविधाएं भी उसी अनुरूप मिलेंगी। मालूम हो कि किसी मंत्रालय या विभाग में जॉइंट सेक्रटरी का पद काफी अहम होता है और तमाम बड़े नीतियों को अंतिम रूप देने में या उसके अमल में इनका अहम योगदान होता है।

इनके चयन के लिए बस इंटरव्यू होगा और कैबिनेट सेक्रटरी के नेतृत्व में बनने वाली कमिटी इनका इंटरव्यू लेगी। योग्यता के अनुसार सामान्य ग्रेजुएट और किसी सरकारी, पब्लिक सेक्टर यूनिट, यूनिवर्सिटी के अलावा किसी प्राइवेट कंपनी में 15 साल काम का अनुभव रखने वाले भी इन पदों के लिए आवेदन दे सकते हैं।