कुछ ही दिनों में भीख मांगने को मजबूर होगा पाकिस्तान

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 जून):  पाकिस्तान पर इन दिनों आर्थिक बादल मड़रा रहे हैं। मौजूदा कार्यवाहक सरकार ने चालू खाते के घाटे से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार के इस्तेमाल की बात कही है। पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार भी तेजी से घट रहा है।

आपको बता दें कि पाकिस्तान में इसी जुलाई में आम चुनाव होने हैं। खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान चुनाव के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से कर्ज मांग सकता है। इससे पहले देश 2013 में मुद्राकोष के पास गया था।

कार्यवाहक वित्त मंत्री शमशाद अख्तर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें 25 अरब डॉलर के अपने व्यापार घाटे के अंतर को हमारे भंडार के जरिये पाटना होगा। और कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के समक्ष यह प्रमुख चिंता है। देश के केंद्रीय बैंक ने रुपए में 3.7 प्रतिशत का अवमूल्यन भी किया है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि पाकिस्‍तान पूरी तरह से आयात पर निर्भर है और दशकों से अपना निर्यात बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहा है। देश भारी बिजली संकट से ग्रस्‍त है और खराब इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर ने विकास की राह में बाधा पैदा कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्‍तान पर जीडीपी का 70 प्रतिशत सार्वजनिक कर्ज है।