औरंगाबाद में दो गुटो में हिंसा, 6 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया, धारा 144 लागू

नई दिल्ली (13 मई): महाराष्ट्र के औरंगाबाद में भड़की हिंसा के आरोप में पुलिस ने 16 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। शुक्रवार रात हो हुई हिंसा में 2 लोगों की जान चली गई थी। दुकान और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था।

फसाद एक नल कनेक्शन को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन धीरे-धीरे विवाद ने बड़ा और विनाशकारी रूप अख्तियार कर लिया। उपद्रवियों ने बवाल में 30 से 40 गाड़ियां फूंक डाली। कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया। हिंसा में 2 लोगों की जान चली गई और 70 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। तनाव को देखते हुए पुलिस ने इलाके में धारा 144 लगा दी है। भारी संख्या में पुलिसबल को तैनात किया गया है। 16 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।

दरअसल औरंगाबाद में शुक्रवार देर रात दो समुदायों के बीच नल कनेक्शन को तोड़ने के मुद्दे पर विवाद शुरू हुआ था। एक समुदाय विशेष का नल कनेक्शन काट दिया गया। इसके बाद जब पानी भरने के लिए दो समुदाय के लोग एक जगह जमा हुए। उस दौरान वहां आपस में कहासुनी हो गई और फिर मामूली विवाद ने हिंसा का रूप धारण कर लिया। पुलिस लोगों से लगातार शांति बनाए रखने की अपील कर रही है।

हिंसा के बाद सियासत भी शुरू हो गई है। विपक्ष बीजेपी-शिवसेना सरकार पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेसी नेता प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था है, जहां मुख्यमंत्री का अपने राज्य में कंट्रोल नहीं है। एसेन्स महाराष्ट्र का खत्म होता जा रहा है, गुस्से वाला माहौल है और ऐसा माहौल है जो हिंसक घटनाओं को करने पर उतारू है। कानून व्यवस्था विफल हो गई है।