एकबार फिर राज्यपाल से मिलेंगे कुमारस्वामी, विधायकों के हस्ताक्षर वाला सौपेंगे दस्तावेज


बेंगलुरू (16 मई): कर्नाटक में त्रिशंकु जनादेश के बाद राज्य में सियासी घमासान जोरों पर है। बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस के समर्थन से जेडीएस राज्य अगली सरकार बनाने की कवायद में जुटी है। दोनों पार्टियां सरकार बनाने के लिए पहले ही राज्यपाल वजुभाई वाला के सामने अपना-अपना दावा पेश कर चुकी है। साथ ही दोनों पार्टियां आगे की रणनीति बनाने में जुटी है। इन सबके बीच एचडी कुमारस्वामी के समर्थन में जेडीएस और कांग्रेस के विधायकों के दस्तख्त लिए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस और जेडीएस विधायकों के दस्तख्त वाले इस दस्तावेज को कुमारस्वामी थोड़ी में राज्यपाल वजुभाई वाला के सामने पेश करेंगे।

इन सबके बीच कांग्रेस के 12 विधायकों के बैठक में उपस्थित न होने की खबरों पर पार्टी के नेता जी. परमेश्वर ने साफ कहा कि सभी विधायक एक साथ हैं। कुछ विधायक देर से आए क्योंकि वे बीदर से एक विशेष विमान से पहुंचे। जेडीएस और कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनने पर कांग्रेस के नेता डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री का पद दिए जाने के खबरों पर खुद शिवकुमार ने सफाई दी है। उनका कहना है कि किसी चीज के लिए कहने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हमारी प्राथमिकता एक सेक्युलर सरकार बनाना है और कांग्रेस के सभी 78 विधायक एक साथ हैं।


वहीं बीजेपी का कहना है कि राज्य की जनता ने बीजेपी को सबसे बड़ी पार्टी चुनकर सरकार बनाने के लिए जनादेश दिया है। लिहाजा वो जनता की राय को जाया नहीं जाने देगी। और राज्य में पूर्ण बहुमत की अगली सरकार बनाएगी। अब सभी की नजर राज्यपाल वजुभाई वाला के फैसले पर टिकी है। अब यह राज्यपाल के विवेक पर निर्भर करता है कि वो सरकार बनाने के लिये सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी बीजेपी को आमंत्रित करेंगे या फिर कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को बुलाएंगे।

आपको बता दे कि कर्नाटक में 12 मई को 224 में से 222 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था। जिसमें से बीजेपी ने 104 सीटों पर जीत हासिल की। जबकि कांग्रेस के खाते में 78 और जेडीएस ने 38 सीटों पर जीत दर्ज की। जबकि अन्य के खाते में 2 सीटें आई है।