राज्यपाल के फैसले का इंतजार, विधानसभा में बहुमत के लिए ये है BJP का 'प्लान'


बेंगलुरू (16 मई): कर्नाटक में अगली सरकार पर जारी सस्पेंस के बीच बीजेपी का दावा है कि शूबे में येदियुप्पा के नेतृत्व में अगली सरकार उनकी ही होगी। बीजेपी के तमाम नेता ये दावा उस वक्त कर रहे हैं जब राज्य में सरकार के लिए जरूरी तादाद से उनकी संख्याबल 8 कम है। वहीं कांग्रेस के समर्थन से जेडीएस नेता बहुमत से ज्यादा संख्याबल के साथ सरकार बनाने का दावा पेश कर रहे हैं। ऐसे में बीजेपी भी जानती है कि अगर राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने के लिए न्यौता दे दिया तो भी विधानसभा में बहुमत साबित करना उनके लिए आसान नहीं होगा। लिहाजा जानकारी के मुताबिक बीजेपी इसके लिए खास रणनीति पर काम कर रही है।

भले ही बीजेपी 104 सीट के राज्य में सबसे बड़ी पार्टी के रुप में उभरी है। लेकिन येदियुरप्पा के लिए सरकार बनाने के लिए 112 विधायकों के समर्थन का जादुई आंकड़ा हांसिल करना आसान नहीं होगा। वहीं बीजेपी के अच्छी खबर कांग्रेस और जेडीएस के विधायकों की हुई बैठक से आई। बताआ जा रहा है कि इस बैठक में कांग्रेस 4 और जेडीएस के 2 विधायक नहीं पहुंचे। बताया जा रहा है कि ये विधायक बीजेपी के संपर्क में है। इसके साथ ही एक निर्दलीय विधायक ने भी बीजेपी को समर्थन दिया है। इन सबके बीच फिलहाल बीजेपी की कोशिश ये है कि किसी तरह कांग्रेस और जेडीएस बहुमत के लिए जरूरी 112 विधाकों के समर्थन वाला पत्र राज्यपाल को न सौपे। हालांकि इन दोनों दलों ने जितनी सीटें जीती हैं, वो बहुमत से भी ज्यादा हैं।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक फिलहाल बीजेपी की प्लानिंग विश्वास मत के दौरान कांग्रेस और जेडीएस के कम से कम 15 विधायकों को विधानसभा में गैर हाजिर रखने का है। इससे सदन में संख्या बल 222 से घटकर 207 हो जाएगी। जिससे बीजेपी अपने 104 विधायकों के दम पर आसानी से बहुमत साबित कर लेगी। इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि बीजेपी लिंगायत समुदाय से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस के 21 और जेडीएस के 10 विधायकों पर दवाब बनाने के लिए लिंगायत मठों के संपर्क में भी है। वहीं बीजेपी चाहती है कि कुछ ऐसा हो कि दो विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करने वाले कुमारस्वामी विश्वास मत से पहले दो में से एक सीट से इस्तीफा दे दें।

हालांकि ये सारे समीकरण राज्यपाल वजुभाई वाला के उस फैसले पर निर्भर करता है जिसमें वो किसे सकार बनाने किए लिए पहले बुलाते हैं। बीजेपी को उम्मीद है कि विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने की वजह से राज्यपाल उन्हें सबसे पहले सरकार बनाने का न्यौता दे। साथ ही बीजेपी चाहती है येदियुरप्पा को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कुछ वक्त भी दे।

आपको बता दे कि कर्नाटक में 12 मई को 224 में से 222 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था। जिसमें से बीजेपी ने 104 सीटों पर जीत हासिल की। जबकि कांग्रेस के खाते में 78 और जेडीएस ने 38 सीटों पर जीत दर्ज की। जबकि अन्य के खाते में 2 सीटें आई है।