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मुश्किल में नवाज शरीफ, JIT ने 15 और मामलों में जांच की सिफारिश की

इस्लामाबाद (16 जुलाई): पनाम पेपर लीक मामले में आरोपों में घीरे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। पीएम शरीफ पर लगे आरोपों की जांच कर रही ज्वॉइंट इंवेसटिगेशन टीम यानी JIT ने 15 मामलों को फिर से खोलने की सिफारिश की है। इसमें 5 केस पर फैसला लाहौर हाई कोर्ट पहले ही सुना चुकी है जबकि 8 में पाक पीएम के खिलाफ जांच और 2 में पूछताछ हुई है।

अखबार 'द डॉन' के मुताबिक इन 15 केसों में 3 1994 से 2011 के बीच के PPP के कार्यकाल के हैं जबकि 12 मामले जनरल परवेज मुशर्रफ के समय के हैं जब शरीफ का तख्तापलट कर जनरल ने अक्टूबर 1999 में कमान संभाल ली थी। इनमें शरीफ परिवार से जुड़ा 18 साल पुराना लंदन में प्रॉपर्टी मामला भी शामिल है। इसकी शुरुआत पाकिस्तान की नेशनल एकॉउंटबिलिटी ब्यूरो यानी NAB ने की थी। इसी साल अप्रैल में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने JIT को लंदन में फ्लैट से जुड़े मामले की जांच करने को कहा था।

JIT की रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से कई मामलों की विस्तृत जांच के बिना ही उसे बंद कर दिया गया। शरीफ परिवार पर धन जुटाने के मामले में जेआईटी ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ कई सबूत मौजूद हैं। JIT ने साथ ही कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को एनएबी से फिर से लंदन प्रोपर्टी के जांच का निर्देश देना चाहिए।

JIT ने 1990 के दशक के उन मामलों की जांच की भी अनुशंसा की है जिसमें उन पर फेडरन इंवेस्टीगेशन एजेंसी यानी FIA गलत तरीके 42 लोगों की नियुक्तियों का आरोप है।

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