जन्म के बाद जिसे अस्पताल में छोड़ गई थी मां, आज स्विट्जरलैंड का सांसद है ये भारतीय

दुनिया | Jan. 20, 2018, 5:48 a.m.

नई दिल्ली (20 जनवरी): कर्नाटक के उडुपी में स्थ‍ित सीएसआई लोम्बार्ड मेमोरियल अस्पताल में 1 मई 1970 को जन्मे निकलौस को उनकी मां द्वारा छोड़ जाने के एक हफ्ते बाद ही उन्हें स्विट्जरलैंड के एक दंपति ने गोद ले लिया था। निकलौस के नए मां-बाप फ्रिट्ज और एलिजाबेथ उन्हें केरल लेकर चले गए। केरल में करीब 4 साल रहने के बाद दंपति इस बच्चे को लेकर स्विट्जरलैंड चला गया। हालांकि, यह दंपति बहुत धनी नहीं था, इसलिए बड़े होने पर निकलौस को ट्रक ड्राइवर, गार्डनर जैसे काम करने पड़े। 

उनकी मां अनुसुइया 48 साल पहले एक अस्पताल में छोड़कर चली गई थीं। मां ने शायद कभी कल्पना नहीं की होगी, लेकिन आज यह बच्चा निकलौस-सैमुअल गगर स्विट्जरलैंड में भारतीय मूल का पहला सांसद है।

निकलौस के दत्तक माता-पिता फ्रिट्ज और एलिजाबेथ उनके जन्म के 15 दिन बाद ही केरल ले आए और स्विटजरलैंड जाने से पहले चार साल तक यहीं रहे। भारत में PIO सांसदों के सम्मेलन में हिस्सा लेने आए निकलौस ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, 'मेरी मां अनुसूइया ने मुझे मेरे जन्म के तत्काल बाद डॉ. ई.डी. पीफ्लगफेल्डर को सौंप दिया था। उन्होंने अनुरोध किया था कि वह मुझे किसी ऐसे दंपति को सौंप दें जो मेरा अच्छी तरह से देखभाल करे और मेरा अच्छा करियर बना सके।' इस सम्मेलन में 24 देशों के भारतीय मूल के सांसद शामिल हुए थे। डॉक्टर ने उन्हें गगर दंपति को सौंप दिया। निकलौस स्विट्जरलैंड में निक नाम से प्रसिद्ध हैं।

बेटी का  वही नाम रखेंगे जो उनकी सगी मां का नाम है

निकलौस कहते हैं कि वह अपनी जैविक मां के शुक्रगुजार हैं जिनकी वजह से उन्हें यह कामयाबी मिली है। उन्हें याद रखने के लिए वह अपनी बेटी का नाम अनुसूया रखेंगे क्योंकि कोशिश करने के बाद भी वह अपनी मां को नहीं खोज सके।

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