इस गांव में नहीं होती हनुमान की पूजा, उनके नाम और फोटो पर पूरी तरह प्रतिबंध

देश | March 31, 2018, 12:32 p.m.

नई दिल्ली (31 मार्च): आपने हिंदू-पुराणों और ग्रंथों में खूब पढ़ा होगा और सुना होगा कि देवताओं और राक्षसों के बीच कई खौफनाक युद्ध हुए। लेकिन क्या आज 21वीं शताब्दी में भी देवताओं और राक्षसों के बीच दुश्मनी चल रही है। शायद आपको यकीन ना हो रहा हो, लेकिन महाराष्ट्र में एक गांव ऐसा है जहां आज भी एक दैत्य निंबा और हनुमान जी के बीच जबरदस्त दुश्मनी चल रही है। दैत्य निंबा और हनुमान जी के बीच चली आ रही, इस दुश्मनी की वजह से इस गांव के लोगों ने हनुमान जी की पूजा करना छोड़ रखा है।

मुंबई से महज 6 घंटे की दूरी पर अहमदनगर से सिर्फ 80 किमी दूर इस गांव में लगभग 2,500 लोग रहते हैं। इस गांव में लगभग हर घर से दो से तीन लोग सरकारी नौकरी करते हैं। गांव में बच्चों के स्कूल से लेकर लगभग हर तरह की सुविधा है, जो एक गांव में होनी चाहिए। गांव को देखकर ऐसा लगता है कि इस गांव में भगवान की बड़ी कृपा है। पूजा-पाठ करने में यकीन और आस्था रखने वाले इस गांववालों को देखकर कोई यकीन नहीं कर सकता है कि यहां के गांव वाले भगवान हनुमान के घोर विरोधी हैं या कहें कि गांववाले हनुमान जी का नाम लेने और पूजा करने से डरते हैं।

इस गांव में हर घर पर श्री दैत्यराज की कृपा लिखा हुआ आपको मिल जाएगा। गांव में शायद ही ऐसा कोई घर, दुकान या होटल हो जहां पर श्री दैत्यराज नांदूरनिंबा दैत्य ना लिखा हो, लेकिन आपको इस गांव में एक भी घर ऐसा नहीं मिलेगा, जिस पर भगवान हनुमान का नाम लिखा हो या फिर उनकी तस्वीर या मूर्ति हो। यहां तक कि गांव के जो भी मंदिर है, उसमें भी भगवान हनुमान की मूर्ति नहीं मिलेगी और ना ही इस गांव में कोई गांववाला मंदिर में हनुमान चालीसा पढ़ता है। इस गांव में पूरी तरह से दैत्यराज नांदूरनिंबा दैत्य का राज चलता है।

दैत्यराज नांदूरनिंबा से डरकर गांव में नहीं होता ये काम...
- इस गांव में दैत्यराज निंबानांदूर दैत्य यानि एक राक्षस की पूजा होती है।
- दैत्यराज नांदूरनिंबा के खौफ़ से भगवान हनुमान का नाम लेना महापाप है और हनुमान चालीसा पढ़ने पर पूरी तरह से पांबदी है।
- इस गांव में एक राक्षस यानि दैत्यराज नांदूरनिंबा के डर से कोई भी अपने बच्चों का नाम हनुमान जी के नाम पर नहीं रह सकता।
- यहां पर हनुमान का नाम मारुती होने की वजह से लोग इस गांव में मारुती कार तक नहीं खरीदते हैं।
- इस गांव में हर घर, हर दुकान पर दैत्यराज निंबानांदूर का नाम लिखा है।
- यहां सदियों से हनुमान जी की पूजा, उनके नाम और उनके फोटो पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है।

दैत्यराज नांदूरनिम्बा से क्यों डरते हैं लोग...
कहा जाता है कि दैत्यराज नांदूरनिम्बा इसी गांव में रहा करता था। उसका साम्राज्य बड़ा था और वो राम का बड़ा भक्त था। एक बार की बात है जब भगवान राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ इस इलाके में आए, जहां भगवान राम की भेंट दैत्य निंबा से हुई। भगवान राम दैत्यराज निंबा की भक्ति से बेहद खुश हुए। उन्होंने दैत्यराज नांदूरनिंबा को आशीर्वाद दिया कि तुम्हारा इस पूरे इलाके पर राज़ रहेगा और हर कोई तुम्हारी पूजा करेगा। भगवान राम का दैत्य निंबा की तरफ झुकाव देखकर हनुमान जी को बड़ा गुस्सा आया और उन्होंने ये कहकर दैत्य निंबा से युद्ध करना शुरू कर दिया कि एक दैत्य भगवान राम का भक्त कैसे हो सकता है। दैत्य निंबा और हनुमान जी के बीच जबरदस्त युद्ध शुरू हो गया, लेकिन हनुमान जी दैत्य निंबा को हरा नहीं पा रहे थे। जब भगवान राम को इस युद्ध के बारे में पता चला तो उन्होंने बीच-बचाव करते हुए कहा कि दैत्यराज निंबा की भक्ति के चलते इस गांव में सिर्फ दैत्य निंबा का ही राज चलेगा और गांववाले उन्हीं की ही पूजा करेंगे।

दैत्यराज नांदूरनिंबा, हनुमान जी को बिल्कुल भी पसंद नहीं करता था। इसीलिए इस गांववालों ने भी हनुमान जी की पूजा करना बंद कर दी। यहां तक कि हनुमान जी से जुड़े नाम, काम, तस्वीरें, मूर्ति और आरती तक पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दी गईं। जबकि भगवान राम का नाम और उनकी आरती को गांववाले पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ गाते हैं, क्योंकि दैत्यराज नांदूरनिंबा भगवान राम का बहुत बड़ा भक्त था।

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