1000 करोड़ के घोटाले में मोदी का हाथ, किया जाए गिरफ्तार: लालू यादव

देश | Aug. 12, 2017, 7:01 p.m.


नई दिल्ली (12 अगस्त): बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पटना में संवाददाता सम्मेलन में नीतीश कुमार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। कहा कि लालू फांसी पर चढ़ जाएगा लेकिन सांप्रदायिक शक्तियों के साथ नहीं जाएगा। तेजस्वी हमसे भी बेसी है। नीतीश को नरेंद्र मोदी हाथी की सूंड में बांधकर घुमाएंगे। 

भागलपुर के सृजन घोटाले पर बोलते हुए कहा कि इस पूरे मामले के पीछे सुशील मोदी और भाजपा नेताओं का हाथ है। इतना बड़ा घोटाला सरकार के संरक्षण के बिना नहीं हो सकता है। 

लालू यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने यह स्‍लोगन दिया कि भ्रष्‍टाचार भारत छोड़ो। आतंकवाद भारत छोड़ो। लेकिन उनके संरक्षण में बिहार में जो सरकार बनी है, वही भ्रष्‍टाचार में लिप्‍त है।

राजद अध्‍यक्ष ने कहा कि लोग कहते हैं कि पशुपालन विभाग में बड़ा घोटाला हुआ है, लेकिन भागलपुर का सृजन घोटाला उससे काफी ज्‍यादा बड़ा है। पिछले 16 सालों से बिहार की जनता की गाढ़ी कमाई को सरकार के संरक्षण में लूटा जा रहा था। इसका आकार 1000 करोड़ तक पहुंच गया है। कई सारी बातें छुपायी जा रही है। 

जब 2005 में बिहार में नीतीश कुमार की सरकार बनी थी और उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी वित्त विभाग दिया गया था, उसी समय से यह घोटाला चल रहा है। एक बार फिर सुशील मोदी को वित्त विभाग दिया गया है। जिस तरह से मेरे उपर पशुपालन घोटाले का आरोप लगाकर कार्रवाई की गई, उसी तरह सुशील मोदी पर भी एफआइआर किया जाये और हथकड़ी लगायी जाये। 

उन्होंने कहा कि सुशील मोदी अधिकांश समय वित्त मंत्री थे क्या वे पैसा गिन रहे थे। 2013 में रिजर्व बैंक ने इस समिति की जांच के लिए सरकार को लिखा था तो फिर उस वक़्त जांच क्यो नही करवाई गई थी। तत्कालीन जिलाधिकारी ने भी कमेटी बनाकर जांच करवाई थी तो उस कमेटी ने क्या रिपोर्ट दी थी। नीतीश कुमार को बताना चाहिए। 

लालू यादव ने साथ ही कहा कि सुशील मोदी के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि ट्रेजरी के माध्यम से पैसा निकालकर सृजन के खाते में पैसा रखने का आदेश किसने दिया। जब आरबीआई ने जांच करवाई तो जांच हुई कि नहीं और अगर जांच हुई तो रिपोर्ट क्या था कहीं दबा तो नहीं दी गई।

पटना दिल्ली से लेकर कई शहरों में रियल स्टेट वालो को मदद की गई। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला भी बनता है। तत्कालीन आयुक्त  के पी रमैया की भी भूमिका है। सृजन संस्था को मदद पहुंचाने वाले सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। 

लालू यादव ने कहा कि सुशील मोदी को गिरफ्तार किया जाए नहीं तो विधानसभा में हम सुशील मोदी इस्तीफा का नारा लगाएंगे। 

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