ट्रेन एक्सीडेंटः कॉलेज में जा घुसी उत्कल की बोगी, बचाव कार्य पूरा, जांच पर टिकीं निगाहें

देश | Aug. 20, 2017, 3:27 a.m.

नई दिल्ली (20 अगस्त): यूपी के मुजफ्फरनगर में खतौली के पास कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटना के बाद राहत और बचाव कार्य देर रात पूरा हो गया। पुरी से हरिद्वार जा रही इस ट्रेन की 14 बोगियां पटरी से उतर गईं और कुछ एक दूसरे के ऊपर चढ़ गयीं। इस भीषण हादसे में 23 लोगों की मौत हो गई वहीं, 74 लोग घायल हैं। यह हादसा खतौली के ऊपरी गंगनहर के पास शनिवार शाम 5:34 पर हुआ। हादसा इतना भीषण था कि एक बोगी ट्रैक के किनारे तिलक राम इंटर कॉलेज में घुस गई। इस हादसे की जांच के आदेश उत्तर प्रदेश सरकार और रेल मंत्रालय ने अलग-अलग दे दिये है। जांच परिणाम आने में तो देर लगेगी, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इस हादसे के निम्न कारण हो सकते हैं:
 
ट्रेन की तेज स्पीड

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, "उत्कल एक्सप्रेस का स्टॉपेज खतौली में नहीं है। ट्रेन करीब 100 की रफ्तार से चल रही थी। स्टेशन पार करते ही ड्राइवर को किसी खतरे की आशंका हुई, जिसके बाद उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाया। इसी वजह से हादसा हो गया।

रेलवे ट्रैक रिपेयर
बताया जा रहा है कि ट्रेक की मरम्मत का काम चलने की वजह से निर्देश था कि यहां से गुजरने वाली ट्रेनों की स्पीड 10 से 15 किमी के बीच होगी, लेकिन उत्कल के ड्राइवर ने इस निर्देश को नजरअंदाज कर दिया। उ.प्र. के एडीजी (एलओ) आनंद कुमार का कहना है कि प्रत्यक्षदर्श‍ियों के मुताबिक, ट्रैक पर काम चल रहा था और ट्रेन की स्पीड तेज थी। 

आतंकी साजिश
मुजफ्फरनगर में हुआ हादसा कहीं आतंकी साजिश तो नहीं। इस बात का पता करने के लिए एटीएस की टीम को भी मुजफ्फरनगर के खतौली पहुंच चुकी है। इनके साथ डॉग स्क्वॉड भी भेजा गया है। ताकि अगर ये हादसा आतंकी गतिविधि है तो उसके सुबूत भी इकट्ठे किये जा सकें। 

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