देवशी का खुलासा, कई क्रू मेंबर हवाला कारोबार में शामिल

देश | Jan. 12, 2018, 5:24 p.m.


प्रशांत देव, नई दिल्ली (12 जनवरी): हवाला एजेंट के रूप में काम करने वाली जेट की एयर होस्टेस देवशी कुलश्रेष्ठ के अदालत में इस खुलासे के बाद कि इस हवाला कोरोबार में क्रू के कई और मेंबर शामिल हैं। अदालत ने डीआरआई को निर्देश दिया है कि वो पूरी तहकीकात करे कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

अब डीआरआई उस दिन हांगकांग के लिए उड़ान भरने वाले विमान के सभी क्रू मेंबर से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। डीआरआई इस मामले में सभी को सम्मन भेजकर फूछताछ करेगी कि इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अकेले देवशी करीब पिछले दो महीनों में करीब 10 करोड़ डॉलर विदेशों में पहुंचा चुकी है और शक जताया जा रहा है कि एजेंट अमित मेलहोत्रा ने देवशी जैसे कई लोगों का डॉलर तस्करी में इस्तेमाल किया है।

डीआरआई दो डायरेक्शन में जांच कर रही है। पहली ये कि आईजीआई एयरपोर्ट पर ऐसे कौन लोग हैं जो इस हवाला कोरोबारियों से मिले हुए है। इसके लिए जेट के सभी क्रू मेंबर से पूछताछ की जाएगी, जैसा कि अदालत में खुद आरोपी एयरहोस्टेस ने खुलासा किया है कि इस खेल में कई और लोग शामिल हैं। दूसरा- डीआरआई ये जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर ये पैसा किसका था। हालांकि जिन व्यापारियों के नाम डायरी में मिले हैं वो अभी तक सामने नहीं आ सके हैं। दूसरी समस्या ये है कि ये लेनदेन बिना लिखा पढ़ी को होता है, ऐसे में ये पता लगाना मुश्किल है कि किसका पैसा लेकर एजेंट अमित मल्होत्रा और एयर होस्टेस विदेशों में जमा करा रहे थे।

डीआरआई चाइना और हांगकांग में बैठे उन एजेंटों तक भी पहुंचने की कोशिश करेगी जो एयरहोस्टेस से डॉलर रिसिव करके वहां के बैंकों में जमा करा रहे थे। सवाल उठता है दिल्ली के व्यापारियों ने विदेशों में अकाउंट्स क्यों खोले और वहां पैसा क्यों जमा करा रहे थे। सवाल ये भी उठता है क्या ये पैसा व्यापारियों का ही था या फिर नेताओं का या किसी और का। क्योंकि दिल्ली से चाइना और हांककांग तक हवाला और काले धन का ये बहुत बड़ा रैकेट फैला हुआ था। ये बात तो साफ है कि डीआरआई की गिरफ्त में आए एजेंट अमित मल्होत्रा और एयरहोस्टेस तो महज एक कड़ी है जो एक डालर पर एक रुपये कमीशन लेकर काम कर रहे था।

जानकारी के मुताबिक आईजीआई एयरपोर्ट पर कुछ लोगों की मिलीभगत से कई ऐसे गिरोह हैं जो इस तरह के हवाला कोरोबार में सक्रिय हैं। क्योंकि कहीं न कहीं आईजीआई एयरपोर्ट पर गड़बड़ी जरूर है। जहां तक लगेज की बात है तो कुछ लगेज की चेकिंग सीआईएसएफ करती है और कुछ की डायल, जो निजी कंपनी है। आईजीआई एयरपोर्ट पर शक जताया जा रहा है कि इस हवाला आपरेटरों से कोई न कोई मिला है, जो इन लोगों को मदद करते रहे हैं।

डीआरआई ने इस मामले में ब्यूरो आफ सीविल एविएशन, सीआईएसएफ और डायल को रिपोर्ट भेज दी है और अब इस बात की पड़ताल की जा रही है कि चूक कहां से हुई है।

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