कम की जाएंगी 28 फीसदी जीएसटी स्लैब में वस्तुओं की संख्या : अधिया

देश | Oct. 17, 2017, 3:30 p.m.

नई दिल्ली(17 अक्टूबर): जीएसटी के 28% स्लैब में वस्तुओं की संख्या कम की जाएगी। लेकिन इससे पहले टैक्स रेवेन्यू का आकलन किया जाएगा। इसके लिए अफसरों की समिति बनाई गई है। रेवेन्यू के आकलन में तीन-चार महीने लग सकते हैं। यह बात राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कही है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में एक्साइज और वैट दोनों को शामिल किया गया है, जबकि पहले बहुत से प्रोडक्ट्स एमएसएमई द्वारा बनाए जाने के कारण उन पर एक्साइज से छूट थी। 

- 1 जुलाई से लागू जीएसटी में वस्तुओं और सेवाओं को छह कैटेगरी में रखा गया है- 0%, 5%, 12%, 18% और 28% टैक्स। एक कैटेगरी उन वस्तुओं की है जिन पर सेस लगता है। 

- राजस्व सचिव ने बताया, फिटमेंट कमेटी देखेगी कि इन वस्तुओं पर एक्साइज और वैट से कितना कलेक्शन होता था। अगर अंतर ज्यादा रहा तो 28% स्लैब में चरणबद्ध तरीके से वस्तुओं को कम किया जाएगा। 

- अभी जो रेट तय किए गए हैं, वह एक्साइज और वैट के आधार पर हैं। लेकिन कई इंडस्ट्रीज ऐसी हैं जिनमें 95% प्रोडक्शन छोटी-मझोली कंपनियां (एमएसएमई) करती हैं। जीएसटी से पहले उन्हें एक्साइज ड्यूटी नहीं देनी पड़ती थी। उनके प्रोडक्ट पर सिर्फ वैट लगता था। जीएसटी रेट तय करने में एक्साइज और वैट दोनों को जोड़ा गया है। इससे उन प्रोडक्ट्स पर टैक्स रेट पहले की तुलना में काफी अधिक हो गया है। इक्का-दुक्का आइटम्स पर रेट घटाने के बजाय पूरे 28% स्लैब की समीक्षा करने की जरूरत है। 
 

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