ऐसे कुछ ही महीनों में इजरायल ने पाया था पत्थरबाजों पर काबू

देश | Jan. 14, 2018, 1:56 p.m.

प्रशांत गुप्ता, नई दिल्ली (14 जनवरी): एक दौर था जब इजराइल में बहुत पत्थरबाजी होती थी, लेकिन कुछ महीनों में ही पत्थरबाजी की घटनाएं बंद हो गईं। इजरायल के गाजापट्टी में भी पत्थरबाजी कभी आम बात थी। हालांकि कश्मीर और गाजापट्टी की तुलना नहीं हो सकती।

दोनों के हालात और स्थितियां बिल्कुल अलग हैं, लेकिन पत्थरबाजों से निपटना कभी गाजापट्टी में इजरायली सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती थी। लेकिन कुछ महीनों में ही इजरायली फौज के कमांडोज ने ऐसी कार्रवाई की, जिससे पत्थरबाजी पूरी तरह से खत्म हो गई।

 

अब आपको बताते हैं कि इजराइल ने गाजापट्टी में पत्थरबाजों से निपटने के लिए कौन सा फॉर्मूला अपनाया...

आईडीएफ यानी इजरायली डिफेंस फोर्सेज के अंडरकवर एजेंट फिलीस्तीनी प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल हो जाते थे। पत्थरबाजों को जरा भी अंदाजा नहीं है कि उनके लश्कर में इजराइली सेना के कमांडो घुस चुके हैं। जैसे ही पत्थरबादी शुरू होती है। इजराइल के अंडरकवर एजेंट्स फिलीस्तीनी पत्थरबाजों को पकड़ लेते हैं। हाथों में तुरंत पिस्तौल निकाल लेते हैं और फिर पत्थरबाजों पर फायरिंग शुरू हो जाती है। इजराइल ने पत्थरबाजों से निपटने के लिए बहुत की सख्त फैसला लिया। जवानों को पत्थरबाजों से निपटने के लिए हर तरह की छूट दी गई। तब इस संघर्ष में 18 पत्थरबाजों के मौत की ख़बर आई थी।

अब ये जानना भी जरुरी है कि आखिर अंडरकवर एजेंट्स पत्थरबाजों की भीड़ में कैसे शामिल हुए...

- पत्थरबाजों से निपटने के लिए इजराइल में एलीट ड्यूडेवान यूनिट को पत्थरबाजों से निपटने की ट्रेनिंग दी गई।

- कमांडोज को प्रदर्शनकारियों की तरह अरबी भाषा सिखाई गई।

- पत्थरबाजों की भीड़ में कमांडोज को शामिल करवा दिया गया।

- अंडरकवर कमांडोज ने फिलीस्तीनी पत्थरबाजों का हर राज जाना।

फिलीस्तीनी पत्थरबाजों के बीच छिपे इजराइल के एलिट फोर्स के कमांडो मौका देखते ही एक्शन में आ जाते थे। जिसमें पत्थरबाजों को जिंदा पकड़ने के साथ-साथ गोली मारने में भी जरा भी हिचक नहीं दिखाई जाती थी, सिर्फ कुछ महीनों में ही इजराइल की एलिट ड्यूडेवान यूनिट के कमांडो ने पत्थरबाजों के नेटवर्क को तहस-नहस कर दिया।

कश्मीर में भी सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी कोई नई बात नहीं है। खुली छूट देने पर भारतीय फौज या सुरक्षाबलों के जवान पलक झपकते ही पत्थरबाजों को मसलने की कुव्वत रखते हैं, लेकिन भारत सरकार की नीति पत्थरबाजों को इजराइल की तरह मारने और मसलने की नहीं, समझाने की रही है। शायद इसीलिए इजराइल में कुछ महीनों में ही पत्थरबाजी पूरी तरह से खत्म हो गईं, लेकिन कश्मीर में सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी जारी है।

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