यू हीं भारत का दोस्त नहीं है इजरायल, कारगिल में ऐसे की थी मदद

देश | Jan. 14, 2018, 2:19 p.m.

नई दिल्ली ( 14 जनवरी ): इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आज भारत दौरे पर पहुंचे हैं। उनकी यह यत्रा 6 दिनों की है। भारत और इजरायल की दोस्ती काफी पुरानी है। कारगिल की लड़ाई में इजरायल ने भारत की मदद और दोस्ती निभाई थी।  

1999 में आतंकियों के रूप में पाकिस्तानी जवान कारगिल, द्रास सेक्टर में घुस गए थे। ऑपरेशन विजय लॉन्च किया गया। भारतीय जवानों को ऐसी ट्रेनिंग नहीं मिली थी जिससे वे पहाड़ या ऊंचाई पर बेहतर जंग लड़ सकें।

पाकिस्तानी सैनिक ऊंचाई पर थे और भारत के पास यह पता लगाने के लिए कुछ नहीं था कि उस साइड उनके सैनिक कहां हैं, उनके फाइटर जेट्स कहां खड़े हैं? 

इसके बाद इजरायल ने भारत की मदद की। इजरायल ने कारगिल सेक्टर में घुसपैठियों के खिलाफ रणनीति बनाने में भारत की मदद की। इजरायली सेना के पास इस बात के पुख्ता अनुभव और तकनीक हैं। उन्हें बॉर्डर पर कंट्रोल, काउंटर टेरेरिज्म और लिमिटेड वॉर में महारत हासिल है।

अमेरिका के दबाव के बावजूद इजरायल ने कारगिल से पहले ऑर्डर किए गए हथियारों की खेप जल्द से जल्द पहुंचाने पर सहमति जताई। हेरोन और सर्चर जैसे यूएवी (ड्रोन) जो ऊंचाई से निगरानी कर सकते हैं मिल गए। आर्मी को सटीक लोकेशन का पता चला।

इजरायल ने न सिर्फ मानवरहित एरियल ड्रोन प्रदान किया बल्कि मिलिट्री सैटेलाइट्स से फोटोग्राफ भी मुहैया कराए। बोफोर्स फील्ड गन के लिए इजरायल ने गोलियां और हथियार मुहैया कराए।

जंग के मैदान पर तैनात मिराज 2000H फाइटर के लिए इजरायल की ओर से लेजर गाइडेड मिसाइल भी मिले। यानी युद्ध के कठिन दौर में इजरायल ने हमारा साथ दिया। 

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