यरुशलम को इजरायल की राजधानी घोषित करने के ट्रंप के फैसले का ईरान ने किया कड़ा विरोध

दुनिया | Dec. 7, 2017, 12:39 a.m.

iran 'will not tolerate' trump jerusalem 'violation': rouhani

नई दिल्ली (7 दिसंबर): यरुशलम को लेकर चल रहे विवाद के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रुप में मान्य़ता दे दी है। ट्रंप के इस फैसले पर ईरान ने कड़ा विरोध जताया है।
ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी की मान्यता देने की अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की योजना की आलोचना करते हुए कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईरान सरकार की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार रुहानी ने तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन से फोन पर बात भी की और ट्रंप की घोषणा को गलत, अवैध, भड़काऊ एवं बेहद खतरनाक बताया। वह इस्लामी देशों के समूह इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) के एक विशेष शिखर सम्मेलन में शामिल होने पर भी सहमत हो गए। 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिकी प्रशासन इस काम को पूरा करने में तत्परता से लगा है। यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने का यह सही समय है, पिछले राष्ट्रपतियों ने इसे केवल चुनाव का मुद्दा बनाया, लेकिन इस पर अमल करने से बचते रहे।

गौरतलब है कि पहले के अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, जार्ज बुश व बराक ओबामा मध्य पूर्व की हालत को देखते हुए इस पर अमल करने से बच रहे थे। इस फैसले से यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में अमेरिकी मान्यता मिल गई है।

पश्चिम एशिया में हिसा बढ़ने की आशंका से अमेरिका दशकों से इस मसले पर कोई स्पष्ट फैसला नहीं कर रहा था। अरब जगत ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसका व्यापक असर होने की आशंका जताई गई है। ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और जर्मनी ने भी अमेरिकी फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है।

पोप फ्रांसिस ने अमेरिका से यरुशलम में यथास्थिति का सम्मान करने की अपील की है। ट्रंप ने चुनावी घोषणा के अनुरूप इजरायल में अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम स्थानांतरित करने का फैसला किया है।

Related news

Don’t miss out

News