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देश का इंडस्ट्रियल आउटपुट नेगेटिव जोन में पहुंचा !

नई दिल्ली (12 अगस्त): मोदी सरकार में उद्योग जगत के लिए काफी बुरे संकेत मिल रह हैं। इस समय इंडस्ट्रियल आउटपुट यानी औद्योगिक उत्पादन में तेज गिरावट दर्ज की गई है जो जून महीने में 0.1 प्रतिशत गिर गई। खास बात यह है कि पिछले साल इसी महीने में औद्योग उत्पादन में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रॉडक्शन  में आई यह गिरावट निर्माण क्षेत्र और कैपिटल गुड्स सेक्टरों में कमी की वजह से आई है। खनन, ऊर्जा, इंफ्रस्ट्रक्चर निर्माण और कंज्यूमर ड्युरेबल्स का प्रदर्शन बहुत खराब रहा।

केंद्रीय सांख्यिकी विभाग ने शुक्रवार को औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी किए। अप्रैल से जून की तिमाही में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि घटकर 2 प्रतिशत रह गई जो पिछले साल समान तिमाही में 7.1 प्रतिशत रही थी। मौजूदा वित्त वर्ष में पहली बार औद्योगिक उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है। अप्रैल में औद्योगिक विकास दर 3.4 प्रतिशत रही तो मई में यह गिरकर 2.8 प्रतिशत पर आ गई। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जून में तेज गिरावट देखी गई। जून में इसमें 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

निवेश का पैमाना माने जाने वाले कैपिटल गुड्स आउटपुट में 6.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि एक साल पहले इसमें 14.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कंज्यूमर नॉन ड्यूरेबल्स में क्रमशः -2.1 प्रतिशत और 4.9 प्रतिशत ग्रोथ दर्ज की गई। अर्थव्यवस्था खासकर उद्योग जगत के लिए काफी बुरे संकेत हैं। जून महीने में 23 औद्योगिक समूहों में से 15 ने नेगेटिव ग्रोथ दिखाया है। 

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