जब छिपे खजाने के लिए इंदिरा ने खुदवा दिया था ये किला

देश | Nov. 19, 2017, 11:01 a.m.

जयपुर (19 नवंबर): भारत को एक समय सोने की चि‍ड़‍िया कहा जाता था, लेकिन अंग्रेज देश का सारा सोना लूटकर लंदन ले गए। हालांकि कुछ राजाओं ने अपना खजाना उनसे बचाने के लिए छिपा दिया। ऐसा ही कुछ जयगढ़ किले के बारे में भी कहा जाता है। जहां पर इंदिरा गांधी सरकार ने छिपा खजाने का पता लगाने के लिए पांच महीने तक खुदाई कराई थी।

कहा जाता है कि यहां कोई खजाना नहीं मिला, लेकिन जो सामान बरामद बताया गया उसे जिस तरीके से दिल्ली भेजा गया वह कई सवाल छोड़ गया। यहां पर संजय गांधी की निगरानी में सब कुछ हुआ। एक बार संजय गांधी अचानक अपना छोटा विमान उड़ाकर सांगानेर हवाई अड्डे पहुंचे, तब अफवाह फैल गई कि जयगढ़ में दौलत मिल गई है और संजय गांधी विमान लेकर जयपुर दौलत बटोरने पहुंच गए हैं।

सेना के आला अफसर एक-दो बार निरीक्षण के लिए जयगढ़ आए और आसपास हेलिकॉप्टर से लैंडिंग की तो, यह अफवाह भी फैली की जयगढ़ में दौलत मिल गई है और सेना के हेलिकॉप्टर इंदिरा गांधी और संजय गांधी के आदेश पर माल दिल्ली ले जाने के लिए आए हैं। खुदाई पूरी होने के बाद ये बताया गया कि महज 230 किलो चांदी और चांदी का सामान ही मिला है।

सेना ने इन सामानों की सूची बनाकर और राजपरिवार के प्रतिनिधि को दिखाई और उसके हस्ताक्षर लेकर सारा सामान सील कर दिल्ली ले गई। ट्रकों का काफिला जब दिल्ली लौटने लगा तो नए सिरे से अफवाह फैल गई कि जयपुर-दिल्ली का राजमार्ग पूरे दिन बंद कर दिया गया और सेना के ट्रकों में जयगढ़ का माल छुपाकर ले जाया गया है। बताया जाता है कि इंदिरा गांधी और संजय गांधी के आदेशानुसार दिल्ली छावनी में रख दिया गया।

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