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भारत ने सुखोई-जगुआर की दिखाई ताकत, उड़ी पाक-चीन की नींद

नई दिल्ली (23 सितंबर): हिंदुस्तान की तरफ नापाक नजरें उठाने वाले दुश्मनों को भारतीय वायुसेना ने एक कड़ा संदेश दिया है। हलवाड़ा और अंबाला में सरहद के पास वायुसेना ने अपने सबसे आधुनिक फाइटर प्लेन्स के साथ अभ्यास किया। हिंदुस्तान के आसमान में सुखोई 30 एमकेआई और जगुआर ने अपनी ताकत दिखाई।

भारतीय वायुसेना की सबसे शक्तिशाली और सबसे आधुनिक फाइटर जेट्स की आसमान में चहलकदमी देख दुश्मन के हाथ पांव फूल गए हैं। आसमान में वायुसेना के शूरवीरों की गर्जना सुन 100 किलोमीटर दूर दुश्मन का  कलेजा कांप गया है। दुश्मन को इस बात अहसास हो गया है कि एक गलती और आसमान के ये बाहुबली उनके घर में घुसकर उन्हें नेस्तोनाबूत कर देंगे।

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर इंडियन एयरफोर्स ने अपने सबसे ताकतवर फाइटर जेट्स सुखोई 30 MKI के साथ अभ्यास किया। आसमान में शानदार स्टंट्स से लेकर टारगेट को पलभर में तबाह करने और विमानों की स्मूथ लैंडिंग तक वायुसेना की पूरी तैयारी नजर आई। इस अभ्यास के दौरान लड़ाकू विमानों को भारी भरकम मिसाइलों और असलहों से लैस किया गया, फिर आसमान के सिकंदरों ने एक-एक कर अपने टारगेट पर सटीक निशाना साधा।

सुखोई 30 एमकेआई भारतीय वायुसेना में शामिल खतरनाक फाइटर प्लेन है। इसकी उड़ान की रेंज 4000 किलोमीटर से ज्यादा है और यह एक बार में 8000 किलोग्राम तक हथियार ले जा सकता है। सुखोई-30MKI कुछ ऐसी तकनीकों से लैस है जोकि दुनिया में किसी और फाइटर प्लेन में नहीं है। जैसे इसमें सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम लगा है जो इसे किसी भी मौसम में रात-दिन काम करने के काबिल बनाता है। इसमें ऑटोमेटिक फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम लगा है।

इस अभ्यास में ना सिर्फ सुखोई बल्कि रात में दुश्मनों के ठिकानों को तबाह करने में महारत हासिल रखने वाले जगुआर को भी शामिल किया गया। जगुआर भारतीय वायुसेना का वो ब्रह्मास्त्र है जो अंधेरे में भी अपने टारगेट पर सटीक निशाना लगा सकता है और पल भर में उसे तबाह कर सकता है।

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