अब श्रीलंका में चीन को घेरेगा भारत, ऐसे देगा OBOR को चुनौती

देश | Oct. 13, 2017, 4:59 p.m.

नई दिल्ली (13 अक्टूबर): चालबाज चीन नापाक पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा। भारत के घेरने के लिए चीन ने पाकिस्तान के साथ मिलकर वन बेल्ट वन रोड परियोजना की शुरुआत की। इतना ही नहीं चीन की योजना श्रीलंका के साथ मिलकर भी भारत को घेरने की थी लेकिन वो इसमें कामयाव नहीं हो सका। इन सबके डोकलाम के भाद भारत ने एकबार फिर चीन को बड़ा झटका दिया है। भारत ने श्रीलंका में चीन से निपटने के लिए जल्द से जल्द हंबनटोटा एयरपोर्ट का संचालन अपने हाथ में लेने की कोशिश में है, जहां पर चीन ने वन बेल्ट वन रोड परियोजना के तहत भारी निवेश कर रखा है।

माना जा रहा है कि श्रीलंका के हंबनटोटा से सटे मत्ताला एयरपोर्ट का संचालन जल्द ही भारत अपने हाथ में ले लेगा। इससे चीन की चिंता बढ़ना लाजमी है। दरअसल, हंबनटोटा बंदरगाह में चीन ने वन बेल्ट वन रोड परियोजना के तहत भारी निवेश कर रखा है। यहां पर चीन ने समुद्री बंदरगाह बना रखा है और निवेश जोन बनाने में जुटा हुआ है।

इससे पहले स्थानीय जनता के विरोध को देखते हुए श्रीलंका सरकार ने चीन को तगड़ा झटका दिया था। श्रीलंका ने हंबनटोटा बंदरगाह के संचालन पर चीन की भूमिका को सीमित कर दिया था। इसके साथ ही चीन के इस बंदरगाह के सैन्य इस्तेमाल करने पर भी रोक लग गई थी। श्रीलंका के इस कदम को भारत के साथ ही जापान और अमेरिका के हित में माना गया था।

हंबनटोटो इलाका दुनिया के सबसे ज्यादा व्यस्त जलमार्गों में से एक है, जहां पर चीन ने काफी निवेश कर रखा है। यह चीन की वन बेल्ट वन रोड परियोजना का अहम हिस्सा है। चीन इसके जरिए एशिया और यूरोप को सड़क व जल परिवहन का जाल बिछाना चाहता है। श्रीलंका ने चीन को हंबनटोटा बंदरगाह 99 साल के लिए लीज पर देने का करार किया है।

बताया जा रहा है कि इस बंदरगाह में शुरुआत में 29.3 करोड़ डॉलर का निवेश किया जाएगा, जिसमें से 70 फीसदी हिस्सा भारत उपलब्ध कराया गया। इसके एवज में बंदरगाह का संचालन 40 साल के लीज पर भारत को दिया जाएगा।

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