छिपाईं ये बातें, तो आपका पैसा माना जाएगा काला धन

बिजनेस | Nov. 10, 2017, 2:39 p.m.


नई दिल्ली (10 नवंबर):
इन दिनों मोदी सरकार किसी भी तरह से काले धन वालों का पता लगाने में जुटी है। हालांकि अगर आपके पास कालाधन नहीं है और आपने मेहनत से कमाए पैसे के बारे में इनकम टैक्स विभाग से कुछ जानकारी छिपाई है तो वह भी काले धन के दायरे में आ सकती है।

अक्‍सर लोग रिटर्न फाइल करते समय अनजाने में कई बा‍तें जाहिर नहीं करते। जो उनके लिए काफी परेशानी खड़ी कर सकता है। ऐसे में हम आपको ऐसी पांच गलतियों के बारे में बताएंगे जो लोग कर देते हैं।

जानिए उन पांच गलतियों में बारें में...

1: ब्याज की हुई आमदनी को छिपाना: अक्सर लोग कई जगह निवेश करके ब्याज के रूप में मिलनी वाली रकम की जानकारी इनकम टैक्स को नहीं देते। ऐसे में लोगों के पास टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से नोटिस भी आ सकता है, जिसके बाद ब्याज और पेनल्टी भी जमा करानी होगी।

2: संयुक्त आमदनी भी होती है टैक्सेबल: हम सिर्फ अपने नाम पर ही नहीं बल्कि अपने परिवार जैसे पत्‍नी और बच्‍चों के नाम पर भी निवेश करते हैं। ऐसे में इसको भी इनकम टैक्स से नहीं छुपाया जाना चाहिए।

3: इनकम टैक्स रिटर्न फाइल न करना: अधिकांश लोग इनकम टैक्स यह सोचकर फाइल नहीं करते कि उनपर किसी भी तरह की कोई देनदारी नहीं है। ऐसा सोचना गलत है। रिटर्न फाइल न करने की स्वतंत्रता केवल उन लोगों को हैं जिनकी ग्रॉस इनकम बेसिक एग्जेंप्शन से कम है। रिटर्न न फाइल करने की स्थिति में असेसिंग ऑफिसर सेक्शन 271F के तहत पांच हजार रुपए का जुर्माना लगा सकता है।

4: पिछली नौकरी की आय को छिपाना: अपनी पिछली नौकरी की आमदनी या फिर फ्रिलांसिंग से हुई आय को स्पष्ट करना होता है। अपने नियोक्ता से नौकरी बदने की बाच को छुपाने से शायद टैक्स तो कम कट सकता है, लेकिन रिटर्न फाइल करते समय आपकी यह बात सामने आ जाएगी।

5: टैक्स फ्री आय को न दिखाना: आप को बता दें कि पब्लिक प्रोविडेंट फंड, टैक्स फ्री बॉण्ड, स्टॉक्स से होने वाला कैपिटल गेन या रिश्तेदरों से मिले गिफ्ट पर मिलने वाला ब्याज आपकी आमदनी में जोड़ा जाता है। फिर चाहे इस पर टैक्स न लगे। इस पर टैक्स न देने की स्थिति में भी इनकम टैक्स रिटर्न में पूरी आमदनी के बारे में बताना अनिवार्य है। इसके बाद अन्य सेक्शन के तहत छूट क्लेम की जा सकती है।

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