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वोट बैंक के लिए कोई दलित चेहरा लाएगा, तो हम उसका साथ नहीं देंगे: उद्धव ठाकरे

नई दिल्ली (19 जून): बीजेपी ने एनडीए की तरफ से सोमवार को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की घोषणा कर दी। बिहार के गर्वनर रामनाथ कोविंद को बीजेपी ने राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाया है। उम्मीदवार के ऐलान के बाद एनडीए की ही सहयोगी शिवसेना ने बीजेपी को तेवर दिखाए हैं। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पूछा है कि क्या कोविंद के चयन के पीछे वोट बैंक पॉलिटिक्स है? उन्होंने कहा कि अगर कोई इस किसी दलित को इस मकसद से राष्ट्रपति बनाने की कोशिश में है कि अपना वोटबैंक बढ़ा सके, तो हम इसका समर्थन नहीं करेंगे।


ठाकरे ने आगे कहा कि अगर यह देश के विकास के लिए किया गया है तो हम समर्थन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत हमारी पहली पसंद हैं अगर किसी को उनसे आपत्ति है तो हमने एमएस स्वामिनाथन का नाम भी सुझाया है।


इसके साथ ही महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की बात का जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम भी मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही उन्होंने मध्यावधि चुनाव की चुनौती भी दी।


इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को एनडीए की तरफ से राष्ट्रपति पद के लिए बिहार के गवर्नर रामनाथ कोविंद के नाम का ऐलान किया। कोविंद के नाम के ऐलान के बाद जहां टीआरएस, बीजेडी और वाईएसआर जैसे गैर-एनडीए दलों ने समर्थन का ऐलान किया है वहीं एनडीए के ही घटक दल शिवसेना ने समर्थन को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

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