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Chanakya Poll Today

#UPElections2017: यूपी में पॉलिटिकल पार्टियों का 'फ्री ऑफर', जानिए आपको क्या मिलेगा...

डॉ. संदीप कोहली,


नई दिल्ली (08 फरवरी): चुनाव आते ही हर राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए फ्री ऑफर्स देते हैं। ऑफर्स फ्री कलर टीवी, स्मार्टफोन, लैपटॉप और साइकिल से लेकर दाल, चावल, दूध, घी, प्रेशर कूकर, गैस स्टोव यहां तक की मंगलसूत्र तक हो सकते हैं। अपने-अपने घोषणा पत्रों में इन लोकलुभावन वादों के बल पर मतदाताओं को लुभाया जाता है। कई बार कुछ वादे तो पूरे हो जाते हैं लेकिन ज्यादातर वोटर्स अपने को ठगा ही महसूस करते हैं। दक्षिण भारत से चली ये प्रथा उत्तर भारत में पहुंच चुकी है। ऐसा ही चुनावी लॉलीपॉप उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को थमाया जा रहा है। हर पॉलिटिकल पार्टी वोटर्स को लुभाने के लिए अपने-अपने घोषणा पत्र में कुछ ऐसे ही वादे कर रही है। अब सवाल उठेगा की ये वादे होंगे कैसे पूरे? सियासी पार्टियों ने हजारों करोड़ों के वादे तो कर दिए हैं लेकिन उनको पूरा करना आसान नहीं होगा। वर्तमान में राज्य का राजकोषीय घाटा 6 हजार करोड़ है। फरवरी 2016 में यूएनआई में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश पर 2016-17 के अंत तक 3.75 लाख करोड़ का कर्ज होगा तो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 45 हजार करोड़ अधिक है। उत्तर प्रदेश के हर नागरिक के सिर पर 17,859 का कर्ज है लेकिन चुनावी मैदान में मौजूद चारों राजनीतिक दलों को इससे क्या उन्हें तो सिर्फ वोट लेने हैं। आइए जानते हैं किस पार्टी का क्या फ्री ऑफर्स है-


सपा, बसपा, बीजेपी और कांग्रेस के लोकलुभावन चुनावी वादे...


समाजवादी पार्टी का घोषणापत्र...

    *सभी लोगों को स्मार्टफोन दिया जाएगा।

    *सभी कॉलेंजों में मुफ्त वाई-फाई सुविधा।

    *गरीब महिलाओं को प्रेशर कूकर दिया जाएगा।

    *महिलाओं को रोडवेज बस में आधे किराए की छूट।

    *1 करोड़ लोगों को 1 हजार रुपए की मासिक पेंशन देने का काम होगा।

    *प्राइमरी स्‍कूल के बच्‍चों को एक लीटर घी और एक किलो मिल्‍क पाउडर फ्री।

    *शहर की तरह गांव में भी 24 घंटे बिजली।

    *1.5 लाख से कम वार्षिक आय वाले का मुफ्त इलाज।

    *नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, आगरा और वाराणसी में मेट्रो सेवा।


भारतीय जनता पार्टी का घोषणापत्र...

    *युवाओं को लैपटॉप और साथ ही 1 जीबी इंटरनेट डाटा फ्री।

    *सभी कॉलेंजों में मुफ्त वाई-फाई सुविधा देगी सरकार।

    *सभी लड़कियों को ग्रैजुएशन तक की शिक्षा निशुल्क होगी।

    *लड़कों को 12वीं तक की शिक्षा निशुल्क होगी।

    *लड़कों को 50% से अधिक के अंक लाने पर ग्रैजुएशन तक मुफ्त शिक्षा।

    *मजदूरों को 2 लाख रुपये तक का फ्री बीमा।

    *सभी घरों में एलपीजी कनेक्शन।

    *हर घर में 24 घंटा बिजली पहुंचाएंगे।

    *पांच साल में 70 लाख रोजगार औऱ स्वरोजगार के अवसर पैदा करेंगे।

    *किसानों के लोन और ब्याज होंगे माफ, भविष्य में कर्ज मुक्त ब्याज।

    *गन्ना किसानों को मिलेगी 6,000 करोड़ रुपये की सहायता।

    *कानपुर, आगरा, इलाहाबाद, गोरखपुर, झांसी और गाजियाबाद में मेट्रो सेवा।


कांग्रेस का घोषणापत्र...

    *9 से 12 तक पढ़ने वाली लड़कियों को मुफ्त साईकिल के साथ निशुल्क शिक्षा।

    *50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

    *अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति, जनजाति के आर्थिक कमजोर बच्चों को मुफ्त स्कूल ड्रेस ,किताबें, जूते उपलब्ध किये जायेंगे।

    *छात्रों को स्मार्टफोन,मुफ्त लैपटॉप,साईकिल वितरण के सपा के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएंगे।

    *कन्या शशक्तिकरण के लिए 18 वर्ष पुरे होने पर लड़कियों को 50 हजार से एक लाख तक की मदद दी जाएगी।

    *अनुसूचित जाति, जनजाति के गरीब परिवारों को 2 लाख की मुफ्त चिकित्सा सुविधा।

    *सरकारी उद्देश्य के लिए खरीदी गई जमीनों के बाजार भाव से 4 गुना मूल्य किसानों को दिया जायेगा।

    *जिनकी जमीन जाएगी उनके परिवार में नौकरी दी जाएगी।

    *किसानों का कर्ज माफ साथ ही बिजली बिल माफ।

    *मनारेगा के तहत हर साल 150 दिन काम का वादा, अभी मिलाता है 120 दिन काम।


बसपा सुप्रीमों मायावती के वादे...

    *बसपा ने कोई घोषणापत्र जारी नहीं करेगी, लेकिन कई वादे किए।

    *छात्रों को लैपटॉप नहीं बल्कि आर्थिक मदद की जाएगी।

    *गरीब को राशन फ्री मिलेगा, बिजली पानी समय से मिलेगा।

    *प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील के साथ दूध, बिस्किट, अंडा, फल मिलेगा।

    *किसान, गरीब का 1 लाख का कर्जा माफ होगा।

    *गरीबों को सरकारी जमीन पर पट्टे दिए जाएंगे।

    *गरीबों, अल्पसंख्यकों, उच्चवर्ग को आर्थिक आधार पर आरक्षण मिलेगा।

    *बेरोजगारों को भत्ता नहीं, सरकारी-प्राइवेट नौकरी दिलाई जाएगी।

    *पुलिस भर्ती प्रकिया शुरू कर नौजवानों को रोजगार मिलेगा।

    *नए स्मारक नहीं बनवाएंगे, विकास और जनसुविधाओं पर जोर।


बीजेपी और समाजवादी पार्टी के कई चुनावी वादे एक जैसे...

समाजवादी पार्टी (22 जनवरी को जारी): सभी सरकारी विश्‍वविद्यालय और कॉलेज होंगे वाईफाई

बीजेपी (28 जनवरी को जारी): सभी विश्‍वविद्याय और कॉलेज में फ्री वाईफाई

समाजवादी पार्टी: वकील की मौत 60 से कम उम्र में हो तो 10 लाख मदद

बीजेपी: वकील की मौत 70 से कम उम्र में हो तो 10 लाख मदद

समाजवादी पार्टी: एंबुलेंस सेवा का विस्‍तार करेंगे

बीजेपी: एंबुलेंस सेवा को अपग्रेड करेंगे

समाजवादी पार्टी: पुलिस की डायल 100 सेवा को प्रभावशाली बनाएं

बीजेपी: डायल 100 सेवा को प्रभावशाली बनाएं

समाजवादी पार्टी: महिला उत्‍पीड़न के मामलों के लिए सभी जिलों में फास्‍ट ट्रैक कोर्ट

बीजेपी: महिला उत्‍पीड़न के मामलों के लिए 100 फास्‍ट ट्रैक कोर्ट

समाजवादी पार्टी: नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, मेरठ, आगरा और वाराणसी में मेट्रो सेवा

बीजेपी: कानपुर, आगरा, इलाहाबाद, गोरखपुर, झांसी और गाजियाबाद में मेट्रो सेवा

समाजवादी पार्टी: सभी किसानों को सस्‍ते लोन

बीजेपी: छोटे किसानों को बिना ब्‍याज फसली लोन

समाजवादी पार्टी: किसान बीमा राशि 7.5 लाख होगी

बीजेपी: भूमिहीन किसान को दो लाख का बीमा

समाजवादी पार्टी: बुंदेलखंड में इतना पानी देंगे कि दो फसल उगे

बीजेपी: बुंदेलखंड में सिंचाई के लिए अलग फंड

समाजवादी पार्टी: शहर में 24 घंटे बिजली दी, अब गांव में देंगे

बीजेपी: 24 घंटे बिजली देंगे

समाजवादी पार्टी: पशुओं के इलाज के लिए एंबुलेंस होगी

बीजेपी: पशुओं के इलाज के लिए बीमा होगा

समाजवादी पार्टी: दूध के स्‍टोरेज के लिए चिलिंग प्‍लांट लगाएंगे

बीजेपी: हर चार जिले में मिल्‍क प्रोसेसिंग यूनिट लगाएंगे


चुनावों में मुफ्त उपहारों की प्रथा कैसे हुई थी शुरू...

चुनावी घोषणापत्र में मुफ्त उपहारों का सिलसिला 80 के दशक में तमिलनाडू से शुरू हुआ था। सबसे पहले एमजी रामचंद्रन ने 1980 के चुनावों में 100 करोड़ के मिड-डे मील की घोषणा कर जनता को लुभाने की कोशिश की थी। इन चुनावों में एमजीआर की एडीएमके को 234 में से 162 सीटें मिली थीं। इसके बाद चुनावों में फ्री बांटने का सिलसिला शुरू हो गया। 1984 में केंद्र सरकार में मंत्री जनार्दन पुजारी ने लोन मेला शुरू किया जिसमें जनता को बैंकों से लोन दिलाया गया, पार्टी कार्यकर्ताओं को लोन लेने के लिए किसी भी तरह की जमानत देने की जरूरत नहीं पड़ी। इसी प्रथा को आगे बढ़ाते हुए 80 के ही दशक में पूर्व उपप्रधानमंत्री व हरियाणा के मुख्यमंत्री स्व. चौधरी देवीलाल ने चुनावों में जनता से यहां तक वादा कर दिया कि अगर आप मेरे नाम के आगे साइन करते हैं तो आपको 20 हजार का कॉरपोरेटिव लोन कर्ज मुक्त मिलेगा। उनका ये वादा चुनावों में काम कर गया लेकिन वादा निभाने में फेल हो गए। लेकिन तमिलनाडू के दोनों राजनीतिक दलों डीएमके और एआईएडीएमके ने जनता को चुनावों में जितना लुभाया शायद ही किसी और राजनितिक दल ने किया हो। दोनों दलों ने चुनावों में टीवी, मिक्सर, फोन, सिलाई मशीन, कैश, गोल्ड यहां तक की मंगलसूत्र तक अपने-अपने मेनिफेस्टो में देने की घोषणा की। खबरों के मुताबिक पिछले एक दशक में तमिलनाडू में इन मुफ्त उपहारों पर 15 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च हो चुके हैं।

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