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दुनिया के नक्शे से गायब हो जायेंगे चीन सहित ये पांच देश ?

नई दिल्ली (13 जून): कहा जाता है क िपरिव्तन प्रकृति का नियम है, लेकिन इस धरती पर ऐसा परिवर्तन होने जा रहा है, जिसको देखकर लोग आश्चर्य करेंगे। आने वाले महज 15 साल के भीतर ही इस धरती से पांच देशों के निशान गायब हो जायेंगे सिर्फ कागजों पर नाम रह जायेगेः


1- स्पेन

पिछले 600 साल से स्पेन एक मजबूत देश के रुप में इस धरती पर मौजूद है पर अगले 20 साल में शायद स्पेन नाम का देश खत्म हो जाए। इसकी वजह इस देश की विकट आर्थिक समस्याएं और अलगावादी आंदोलन हैं।

स्पेन के दो क्षेत्र बास्क और कैटेलोनिया लंबे समय से स्वयत्ता की मांग कर रहें हैं और इनका अंतिम ध्येय एक स्वायत्त राज्य बनना है। गौरतलब है कि स्पेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर बार्सिलोना कैटेलोनिया में ही पड़ता है।


2- उत्तर कोरिया

उत्तर कोरिया एक पूरी तरह से बंद आर्थिक व्यवस्था वाला देश है जो तानाशाही शासन के आधीन है। पर ऐसा अनुमान है कि अगले 20 साल में इस देश की सीमाओं में इतने संसाधन नहीं बच पाएं गे जिससे इसका पालन हो सके औऱ मजबूरी में तानाशाह किम जोंग उल को सत्ता पर से अपनी पकड़ ढ़ीली करनी पड़ेगी। तकनीकी क्षेत्र में पिछड़ चुके इस देश को चीन औऱ अन्य देशों के लिए अपनी सीमाएं खोलनी होंगी और ऐसे में बाजार की शक्तियों के आगे किम जोंग उल की तरह की शासन व्यवस्था पूरी तरह से धाराशायी हो जाएगी।


3- मालदीव

ग्लोबल वार्मिंग के कारण इस द्वीप देश के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। समुद्र के बढ़ते जलस्तर के कारण ऐसा अनुमान है कि मालदीव जल्द ही जलमग्न हो जाएगा। इस देश के राष्ट्रपति पड़ोस के दक्षिण एशियाई देशों में जमीन भी खरीद रहें हैं ताकि जब कभी भी उनका देश डूबने लगे तो अपने लोगों को वे इन देशो में बसा सकें।


4- चीन-

आपको विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश चीन का नाम इस लिस्ट में देखकर आश्चर्य हो सकता है पर जानकारों का मानना है कि जीन का विकास ही इसे ले डूबेगा। चीन हजारों साल पुराना देश है लेकिन पिछले 2 दशकों में जिस रफ्तार से विकास के नाम पर प्रकृति का अंधाधुंध शोषण यहां किया गया है उसके कारण जल्द ही इस विशाल देश में असंतोष फूट पड़ेगा। चीन की आधा से अधिक नदियां बूरी तरह से प्रदूषित हो चुकी है। स्मॉग के कारण इस देश में हर साल 2।5 लाख लोगों की जान चली जाती है। सर्दियों के दिनों में बीजिंग जैसे शहरों में प्रदूषण इतना बढ़ जाता है सरकार को अपने नागरिकों को घरों में रहने की ही चेतावनी जारी करना पड़ती है। अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो चीन की कम्युनिस्ट सरकार के खिलाफ इस देश में बड़ा विद्रोह खड़ा हो सकता है।


5- इराक

इस देश के कई बड़े भूभाग व्यवहारिक रुप से पहले ही एक दूसरे से अलग थलग हो चुके हैं। आईएसआईएस जिहादियों का देश के पश्चिमी हिस्सों पर कब्जा है जबकि कुर्दों का उत्तरी हिस्से पर। इश तरह से इराक सरकार के प्रभाव सिर्फ दक्षिणी हिस्से तक ही सीमित है। ऐसा अनुमान है कि यह देश अब फिर कभी एक नहीं हो पाएगा।

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