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इस देश में नदी को मिले आम आदमी के अधिकार... काश! भारत में ऐसा होता

नई दिल्ली (17 मार्च): भारत में नदियों को मां का दर्जा दिया गया है। ये धार्मिक तौर पर है। कानूनी तौर पर नहीं लेकिन न्यूजीलैंड की संसद ने को वांगनुई नदी को कानूनन सभी मानवाधिकार दे दिये हैं। दुनिया में यह पहला मौका है जब किसी नदी को मनुष्य के समान सजीव अस्तित्व मानकर कानूनी अधिकार दिया गया है।

न्यूजीलैंड की तीसरी सबसे बड़ी नदी वांगनुई मध्योत्तर द्वीप से निकलकर 145 किलोमीटर की दूरी तय कर समुद्र में मिलती है। बिल पास होने से इस नदी को किसी मनुष्य के समान वैधानिक अधिकार मिल गए हैं।


यह कदम स्थानीय माओरी जनजातीय समुदाय (वांगनुई समुदाय) के लिए बड़ी जीत है। वांगनुई नदी को अब माओरी समुदाय के लोगों के जैसे ही अधिकार मिल गए हैं। अगर कोई इसे हानि पहुंचाएगा तो किसी माओरी को क्षति पहुंचाने वाली कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई होगी। नदी को मानवाधिकार मिलने की खबर सुनते ही सैकड़ों माओरी खुशी से रो पड़े। समुदाय के मुख्य पक्षकार गेरार्ड अल्बर्ट ने कहा, यह नदी हमारी पूर्वज है और हमेशा रहेगी। नदी का प्रतिनिधित्व दो लोग करेंगे। एक माओरी समुदाय द्वारा नियुक्त होगा जबकि दूसरे की नियुक्ति सरकार करेगी।

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