सावधान! जान बचाने वाले दवा ही ना बन जाए मौत का कारण

देश | Jan. 6, 2018, 2:35 p.m.


अमिताभ ओझा, पटना (6 जनवरी): लोग बीमारी से बचने के लिए दवाईयों का प्रयोग करते हैं, लेकिन अगर जान बचाने वाली यह दवा की मौत का कारण बन जाए तो इससे भयानक कुछ नहीं होगा। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि पटना में नकली दवा की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। यहां बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित दवाएं बनाई जा रही थी।

मौत की ये फैक्ट्री पटना के कदमकुआं में चल रही थी, जहां नकली दवाइयों के साथ ही प्रतिबंधित दवाइयों को बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा था। हैरानी की बात ये कि नकली दवाई बनाने वाली ये फैक्ट्री एक डॉक्टर के घर में चल रही थी। घर में नकली दवाइयां बनाने के लिए बकायदा बड़ी-बड़ी मशीनें लगाई गई थीं।

मौत की इस फैक्ट्री में बच्चों की मालिश के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला तेल भी तैयार किया जाता था। नामी ब्रैंड के नकली विटामिन डी ऑयल को असली जैसी दिखने वाली पैकिंग में बाजार में बेचा जा रहा था। इतना ही नहीं नकली दवाइयों की इस फैक्ट्री में नकली आयरन सिरप भी तैयार किए जाते थे, जिसे आमतौर पर शरीर में हेमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए पिया जाता है।

मौत की इस खेप में भारी मात्रा में ऑक्सीटॉसिन भी बरामद की गई है, जो बाजार में प्रतिबंधित है। मवेशियों में दूध देने की क्षमता बढ़ाने के लिए या फल और सब्जिय़ों के आकार को बढ़ाने के लिए खुले बाजार में ऑक्सीटॉसिन का इस्तेमाल होता है, जो आमतौर पर बेहद घातक होता है। इसलिए ऑक्सीटॉसिन को सिर्फ अस्पतालों में सप्लाई की ही इजाजत है, लेकिन यहां बड़े पैमाने पर ऑक्सीटॉसिन बनाई जा रही थी।

नकली दवाइयों की इस फैक्ट्री से भारी मात्रा में नामी कंपनियों के दवाइयों के रैपर,खाली बोतल और कई कार्टन पैक दवाइयां मिली। 2 मंजिला इस मकान में निचले हिस्से में नकली दवाइयां बनाने वाली मशीनें लगी थीं तो ऊपरी हिस्से में पैकिंग का काम होता था। जिस डॉक्टर के घर में ये मौत का ये धंधा चल रहा था, वो छापेमारी के बाद से ही फरार है। पुलिस को शक है कि नकली दवाओं के इस काले कारोबार के पीछे एक बहुत बड़ा गिरोह काम कर रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

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