घूस कांड के बाद कांग्रेस का पीएम मोदी-अमित शाह पर तीखा हमला

देश | Oct. 23, 2017, 1:06 p.m.

नई दिल्ली(23 अक्टूबर): बीजेपी में शामिल होने के लिए पाटीदार नेता नरेंद्र पटेल के घूस देने के आरोपों के बाद कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी, पीएम मोदी और अमित शाह पर तीखा हमला बोला।

-  उन्होंने प्रधानमंत्री के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि वह गुजरात के सीएम की तरह व्यवहार कर रहे हैं देश के पीएम की तरह नहीं। तिवारी ने आरोपों की निष्पक्ष जांच हाई कोर्ट के जज से करवाने की भी मांग की। 

- कांग्रेस प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीजेपी हार के डर से ऐसा कर रही है। उन्होंने कहा, 'गुजरात की जनता ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ विद्रोह कर दिया है। चुनाव आयोग से मांग करते हैं तुरंत चुनाव की घोषणा करें और मॉडल को़ड ऑफ कंडक्ट लागू करें। समय आ गया है कि चुनाव आयोग दिवाली की छुट्टी से वापस आ जाए। आयोग इस षड्यंत्र में क्यों शामिल है, यह समझ में नहीं आ रहा। 

- कांग्रेस प्रवक्ता ने पीएम मोदी के बयानों का हवाला देते हुए कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'पीएम ने गुजरात रैली में कहा कि अगर मुझे नहीं जिताओगे तो पैसा रोक दूंगा। यह व्यवहार किसी भी तरह से संसदीय मर्यादा के अनुकूल नहीं है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और पीएम श्री नरेंद्र मोदी जितनी कोशिश कर लें चुनाव रोकने की जनता उन्हें जवाव देगी। पीएम ने न खाऊंगा न खाने दूंगा का नारा दिया था। उनके राज में रिश्वत और घूसखोरी के आरोप कोई पहली बार नहीं लगे हैं।'

- मनीष तिवारी ने रिश्वत के आरोपों को गंभीर बताते हुए हाई कोर्ट के जज से जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा, 'नरेंद्र पटेल ने जिस घूसखोरी का खुलासा किया है वह बहुत संगीन कांड है। उन्होंने गुजरात बीजेपी अध्यक्ष जीतू वडानी पर अंगुली उठाई है। इस मामले की तहकीकात होनी चाहिए। एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। हाई कोर्ट के जज को इसकी जांच करनी चाहिए।' 

- कांग्रेस नेता ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'गुजरात का चुनाव होगा जरूर, लेकिन यह चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर प्रश्नचिह्न है। बीजेपी ने एक अनदेखी, आक्रामकता और फ्रस्टेशन का प्रदर्शन किया है। हार के डर से बीजेपी बौखला गई है। नरेंद्र मोदी लगातार जुमलेबाजी कर रहे हैं। पता नहीं चुनाव आयोग इस षड्यंत्र में क्यों शामिल है? आयोग को तुंरत चुनाव की तिथि की घोषणा करनी चाहिए और कोड ऑफ कंडक्ट लागू करना चाहिए।'
 

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