दीपावली: परिवार से दूर हैं तो ऐसे करें मां लक्ष्मी-भगवान गणेश की पूजा

देश | Oct. 13, 2017, 2:20 p.m.

नई दिल्ली ( 13 अक्टूबर ): दिवाली पर हर आदमी अपने अपने घर परिवार के साथ मनाना चाहता है। दिवाली से कुछ दिन पहले ही लोग छुट्टियां लेकर घरों को निकल पड़ते हैं ताकि अपनों के बीच त्योहार मना सकें।
 
लेकिन दिक्कत उनके साथ होती है जो किसी मजबूरी में परिवार से दूर रह रहे हैं और त्योहार पर भी परिवार के साथ नहीं होंगे। ऐसे लोग पूजा कैसे करें ताकि मां लक्ष्मी की कृपा उन पर सदा बनी रहे। वैसे भी कहा जाता है कि ईश्वर आपकी आस्था को देखते हैं तो आइए जानते हैं कि आसान विधि में कोई अकेला रहकर भी मां लक्ष्मी की पूजा कैसे कर सकता है। 

-पूजा के लिए दो दिन पहले ही कुछ सामान एकत्र कर लें। कुछ दीपक खरीद लाएं, लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा, एक आसन, फूलमाला और फूल, कुछ फल और मिठाई। रुई, चावल, धूप बत्ती, नारियल और कलावा भी खरीद लें और कलश यानी लोटा आपके घर में होगा ही।

-भले ही आप सामान्य तरीके से लक्ष्मी गणेश की पूजा कर रहे हैं, लेकिन इतना तय है कि आपको शुभ मुहुर्त का ध्यान रखना होगा। ज्यादा जानकारी न हो तो शाम छह बजे से साढ़े आठ बजे के बीच पूजा कर लीजिए।
 
-सबसे पहले पूजा स्थल को साफ कर लें और वहां पर गंगाजल छिड़क कर उसे पवित्र कर लें। ये तय कर लें कि पूजा करते वक्त आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ हो। अब एक चौकी पर साफ आसन बिछाएं और वहां लक्ष्मी गणेश की प्रतिमा को स्थापित करें।
 
-बगल में कलश भरकर रखें और उसके बगन में नारियल और चावल की छोटी छोटी ढेरियां बनाकर रख लें। इतना ध्यान रखें कि लक्ष्मी जी गणेश जी के बाईं तरफ न स्थापित हों। उन पर जल छिड़क कर शुद्धता करें और थाल में उनके भोग के लिए लाई मिठाई और फल लगा लें। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश पहले माला पहनाएं और फिर तिलक लगाएं।
 
इसके बाद धूप बत्ती और बड़े वाले दीपक में चार बत्तियां जलाएं। इसमें आप श्रद्धानुसार सरसों का तेल या तिल का तेल भर सकते हैं। इसके पश्चात उन्हें भोग लगाएं और उनसे सुख सृमृद्धि की कामना करते हुए उनका आशीर्वाद लें। अब पहले गणेश जी की आरती करें और फिर लक्ष्मी जी की आरती करें। बीच बीच में शंख बजाते रहें। शंख बजाने से वास्तु दोष दूर होगा और घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलेगी। 
 
मिट्टी के जो दीपक आप खरीद कर लाए थे, उन्हें कुछ देर पानी में भिगोकर रखें फिर सुखाकर उनमें तेल भरें और घर में जहां कहीं अंधेरा हो वहां रख दें। चाहें तो घर के बाहर भी दीपक जलाएं। 
 
इतना सुनिश्चित कर लें कि जो भी आपके ईष्ट देवता हैं, उनकी आराधना करते हुए उनकी भी पूजा जरूर करें। इसके अलावा इस पूजा में मां सरस्वती की भी पूजा करें ताकि आप शिक्षा और करियर में उनका आशीर्वाद पा सकें। इस पूजा के पश्चात सभी देवी देवताओं से पूजा में रह गई किसी कमी के लिए क्षमा मांगे और घर के आस पास बड़ों का आशीर्वाद जरूर लें।

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