अनहोनी को होनी करने वाले को कहते हैं धोनी

खेल | Nov. 14, 2017, 11:48 a.m.


नई दिल्ली (14 नवंबर): भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज शायद किसी परिचय के मोहताज नहीं है। धोनी मैदान में अपने शांत स्वभाव ओर बेधड़क बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। धोनी ने भारतीय क्रिकेट के लिए वो किया है जिसके लिए उनका नाम इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। धोनी की उपलब्धियों के बारे में अगर बात करना शुरु करेंगे तो शायद पूरा दिन खत्म हो जाएगा, लेकिन उनकी उपलब्धियां नहीं। धोनी की कप्तानी में भारत ने साल 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप, 2011 में वर्ल्ड और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की। इसके अलावा धोनी की कप्तानी में भारत टेस्ट में नंबर वन टीम बनी।

धोनी ने साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे में डेब्यू किया था, जहां पर धोनी ने विकेट कीपर और बल्लेबाज के तौर पर टीम में अपनी जगह बनाई। साल 2007 में भारतीय टीम 50 ओवर वर्ल्ड कप में पहले राउंड से ही बाहर हो गई थी, जिसके बाद भारतीय क्रिकेट टीम सबसे बुरे दौर से गुजर रही थी। इसके बाद धोनी को टीम की कप्तानी मिली। कप्तान बनने के बाद धोनी कभी नहीं रुके। भारतीय क्रिकेट टीम को ऊंचाइयों पर ले जाने वाले धोनी ने अपने करियर में अपार सफलता हासिल की है और इसके पीछे उनकी कड़ी मेहनत और संघर्ष नज़र आता है।

धोनी की लोकप्रियता इसलिए भी है क्योंकि उन्होंने यह साबित किया है कि चमक-दमक और ग्लैमर से भरपूर क्रिकेट में छोटे शहरों और कस्बों के युवा भी मेहनत के दम पर जगह बना सकते हैं। धोनी ने अपनी मेहनत और संघर्ष से यह साबित किया है कि अगर आपके हौसले बुलंद है और आप में कुछ करने का जज्बा है तो आप सारी कठिनाईयों से पार पाकर सफलता हासिल कर सकते हैं।

धोनी आज जहां पर है वहां पहुंचना हर किसी के बस के बात की नहीं है। आज धोनी करोड़ों युवा के लिए प्रेरणास्त्रोत है जो धोनी से सीख लेकर अपने जीवन में आने वाली कठिनाईयों से पार पाकर सफलता हासिल कर सकते हैं। धोनी का भारतीय क्रिकेट में दिया गया योगदान अमूल्य है जिसे भूल पाना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा।

Related news

Don’t miss out

News