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सो रही है सरकार, मर रहे हैं सफाईकर्मी


नई दिल्ली (13 अगस्त):
दिल्ली में सीवर की सफाई के दौरान फिर से 2 मजदूरों की जान चली गई। सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस से दोनों मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई जबकि 2 मजदूरों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हादसा आनंद विहार इलाके के एक मॉल का है, जहां मजदूरों को सीवर की सफाई के लिए बुलाया गया था। सफाई के लिए नीचे उतरे सफाई कर्मियों की जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं सुनाई दी, तो मौके पर मौजूद लोगों ने नीचे उतर कर उनकी मदद का प्रयास किया। लेकिन तब तक 2 मजदूरों की मौत हो चुकी थी। दिल्ली पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटना का मुआयना किया औऱ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
 
ये पहली बार नहीं है जब सीवर के अंदर जहरीली गैस से दम घुटने से मजदूरों की जान गई है, लेकिन इसके बाद भी सरकार इससे कोई सबक नहीं लेती। मजदूरों को जहरीली गैस चेंबर में धकेलने का सिलसिला जारी है। अभी एक हफ्ते भी नहीं हुए थे लाजपत नगर में सीवर की सफाई के दौरान 3 मजदूरों की मौत हो गई थी और अब आनंद विहार में सीवर साफ करते वक्त जहरीली गैस ने 2 और मजदूरों की जान ले ली। अभी पिछले महीने ही दिल्ली के घिटोरनी में भी सीवर की सफाई के दौरान जहरीली गैस से 4 मजदूर मर गए थे।

सीवर सफाई के दौरान देश में हर साल हजारों मजदूरों की मौत हो जाती है। इसके बावजूद सरकारी महकमा सबक नहीं लेता। मोदी के स्वच्छता दूतों की जान की परवाह किए बिना उन्हें बगैर सुरक्षा उपकरणों को टैंक में उतार दिया जाता है। मुंबई में ऐसी घटनाएं काफी होती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वहां 2009 से 2015 तक 1,386 मौत हुई थीं। एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में हर दिन मैनहोल की सफाई के दौरान 2-3 मजदूरों की मौत हो जाती है। रिपोर्ट की मानें तो 2007 में सीवेज की सफाई करने वाले मजदूरों में हर साल करीब 22 हजार 327 की मौत हो जाती है, लेकिन इसके बाद भी सरकारी महकमा है कि लापरवाह बना है।

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