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IGI एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही डेढ़ गुणा से ज्यादा बढ़ाने पर विचार

नई दिल्ली (20 अप्रैल): दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही अगले दो से तीन साल में डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ाये जाने की संभावना है। सरकार ने इसके लिए एक’उड़ान परिचालन समिति’ बनाने का फैसला किया है।नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा है कि हवाई अड्डे का संचालन करने वाली कंपनी दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (डायल), यहां से परिचालन करने वाली एयरलाइंसों, एटीसी तथा मंत्रालय के अधिकारियों और ब्रिटेन की एयर नेविगेशन सेवा प्रदाता कंपनी नैट्स प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि इसमें दिल्ली हवाई अड्डे की परिचालन क्षमता बढ़ाने के रोडमैप पर चर्चा हुई। नैट्स का मानना है कि नागरिक उड्डयन के लिए उपलब्ध मौजूदा हवाई क्षेत्र में ही हवाई अड्डे की परिचालन क्षमता मौजूदा 67 परिचालन प्रति घंटे से बढ़ाकर 95 परिचालन प्रति घंटा तक पहुंचाई जा सकती है।


उन्होंने कहा कि तत्काल प्रभाव से इसके लिए उड़ान परिचालन समिति बनाने का निर्णय किया गया है। अभी हर शेड्यूल में क्षमता 10 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए एटीसी की एयर नेविगेशन सेवा, डायल और विमान सेवा कंपनियों के बीच नजदीकी समन्वय की जरूरत होगी। समिति की बैठक हर महीने होगी जिसमें इन तीनों पक्षों के अलावा शुरुआती कुछ महीनों में नैट्स के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। समिति की अध्यक्षता डायल के पास होगी।


उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे की क्षमता 95 परिचालन प्रति घंटा पर पहुंच जाने के बाद हवाई अड्डे पर सालाना नौ करोड़ यात्रियों की आवाजाही संभव हो सकेगी।  इसकी मौजूदा क्षमता छह करोड़ यात्रियों की है। साथ ही उन्होंने  95 परिचालन प्रति घंटा की क्षमता पीक समय के लिए होगा और यह अभी सैद्धांतिक आंकड़ा है जिसके बारे में विस्तृत योजना समिति की बैठकों में तैयार होगी।

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