सदस्यता रद्द करने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण, EC ने पक्षपात फैसला किया: गोपाल राय

देश | Jan. 21, 2018, 4:11 p.m.

नई दिल्ली(21 जनवरी): राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश को मंजूरी दे दी। इस फैसले को केजरीवाल सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल राय ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि अभी न्याय के लिए हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। चुनाव आयोग ने पक्षपात फैसला किया है। हम भाजपा के हर षड्यंत्र के खिलाफ लड़ने को तैयार हैं। 

बता दें इससे एक बड़ी कार्रवाई के तहत चुनाव आयोग ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया।आयोग ने विधायकों की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश राष्ट्रपति को भेजी। जिसको राष्ट्रपति ने मंजूर कर लिया।  इलेक्शन कमीशन ने पहले सभी विधायकों की बात सुनी। इससे पहले 21 आप एमएलए पर केस थे। लेकिन जरनैल सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। 

क्या है पूरा मामला

मामला 2016 में शुरू हुआ, तब राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली विधानसभा में उस बिल पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, जिसमें पार्लियामेंट सेक्रेटरी के पदों को ऑफिस ऑफ प्रॉफिट से बाहर रखने का फैसला किया गया था। आलोचना के बीच आप ने अपने विधायकों का यह कहकर बचाव करने की कोशिश की कि उन्होंने किसी भी तरह का लाभ नहीं लिया है और सारे अपॉइंटमेंट कानूनी हैं। 

संसदीय सचिवों ने इलेक्शन कमीशन में अपनी बात रखते हुए साफ किया कि उन्हें किसी भी तरह का आर्थिक लाभ नहीं मिला है। उन्हें कोई ऑफिस या आधिकारिक इस्तेमाल के लिए कार भी नहीं दी गई हैं।  संसदीय सचिवों की नियुक्ति का बचाव करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि ये सभी मुफ्त काम कर रहे हैं। 

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