यहां पर खुदा के नाम से पूजे जाते हैं भगवान शिव!

देश | Dec. 28, 2017, 11:22 a.m.


नई दिल्ली (28 दिसंबर):
हमेशा कहा जाता है कि ईश्वर एक है, लेकिन फिर भी कुछ लोग धर्म के नाम पर राजनीति करने में लगे रहते हैं। लेकिन उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में 'खुदा पूजा' शुरू हो गई है, जिसमें भगवान शिव के 'अलखनाथ' स्वरूप की पूजा होती है।

पिथौरागढ़ जिले के दर्जनों गांवों में यह अद्भुत पूजा काफी चर्चित है। सनातन धर्म को मानने वालों द्वारा की जाने वाली इस पूजा में हिंदू भगवान शिव के अलखनाथ रूप की पूजा करते हैं। शिव की पूजा यहां पर 'खुदा' के नाम पर करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

मान्यता है कि मुगल शासनकाल में जब ग्रामीण भगवान अलखनाथ की पूजा कर रहे थे, तो मुगलों ने उन्हें देख लिया। मुगलों द्वारा पूछने पर ग्रामीणों ने खुदा की पूजा करने की बात कही। खुदा की पूजा का नाम सुनकर मुगलों ने ग्रामीणों को इसकी अनुमति दे दी। तभी से इसका नाम 'खुदा पूजा' पड़ गया। चार सदियों के बाद भी भगवान अलखनाथ की पूजा खुदा पूजा के नाम पर ही हो रही है।

यह पूजा वैसे तो विषम वर्षों में होती है, लेकिन कुछ गांवों में इसे 12 साल बाद करने की परंपरा है। मार्गशीर्ष और पौष माह के शुक्ल पक्ष में होने वाली यह पूजा तीन से लेकर 22 दिन तक चलती है। इसके अलावा एक खास बात यह है कि खुदा पूजा रात के अंधेरे में होती है। जिस मकान में अलखनाथ की पूजा होती है, उसकी छत का एक हिस्सा खुला छोड़ा जाता है। मान्यता है कि छत के इसी खुले हिस्से से भगवान अलखनाथ पूजा में आते हैं।

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