भारत के विरोध के बावजूद पीओके में पावर प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में तेजी लाएगा चीन

दुनिया | Oct. 17, 2017, 9:30 p.m.


नई दिल्ली ( 17 अक्टूबर ):
चीन की पाकिस्तान में बिजली संकट को कम करने के लिए ‘पीओके’ में दो अरब डॉलर की लागत वाली एक पनबिजली परियोजना को तय समय से पहले पूरी करने की योजना है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में झेलम नदी पर कारोत पनबिजली परियोजना पर काम चल रहा है। इसे 30 साल के लिए ‘बिल्ड - - ऑपरेट - ट्रांसफर’ (बीओटी) आधार पर बनाया जा रहा। इसके बाद इसका मालिकाना हक पाकिस्तान सरकार को मिल जाएगा।

चीन की सरकार संचालित ग्लोबल टाइम्स अखबार के मुताबिक कारोत बिजली कंपनी लिमिटेड एक चीनी कंपनी की अनुषंगी है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि परियोजना से पाकिस्तान की बिजली की कमी दूर करने में मदद मिलेगी और यह स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन करेगा। हालांकि, खबर में परियोजना के पूरी होने की नई समय सीमा का जिक्र नहीं है। इस बिजली स्टेशन की क्षमता 720 मेगावाट है।

शंघाई एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज के शोधार्थी हु झियोंग के हवाले से अखबार ने कहा है कि भारत ने इस परियोजना को लेकर बार-बार चिंता जाहिर की है क्योंकि यह परियोजना विवादित कश्मीर में स्थित है। लेकिन यह चीन और पाकिस्तान के बीच सहयोग को प्रभावित नहीं करेगा, क्योंकि संबंध स्थिर है और यह भारत को लक्षित नहीं होगा। उन्होंने कहा है कि चीन के सहयोग से पाकिस्तान की बिजली की कमी 2025 तक दूर होने की संभावना है।

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